पहले रोजाना 25 से 30 करोड़ रुपये का होता था कारोबार, अब हो रहा सात से 10 करोड़
अन्य राज्यों से 350 ट्रकों की जगह पहुंच रहे 50 से 70, विभिन्न जिलों में 150 की जगह 20 से 30 ट्रक ही जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पहलगाम हमले के बाद प्रदेशभर में पर्यटक बाहरी राज्यों से नहीं आ रहे हैं। इस कारण वेयरहाउस में राशन की डिमांड कम आ रही है। इससे कारोबार मंदा हो गया है। व्यापारियों के अनुसार हमले से पहले रोजाना 25 से 30 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, जो अब सात से दस करोड़ रुपये में ही सिमट चुका है।
इतना ही नहीं रोजाना सामान के 150 ट्रक विभिन्न जिलों में भेजे जाते थे, जिनकी संख्या अब 20 से 30 ट्रक रह गई है। बाहरी राज्यों से सामान के पहले 350 ट्रक पहुंचते थे, जो अब 50 से 70 ट्रक ही रह गए हैं। इसका कारण व्यापारियों में डर का माहौल है। व्यापारी सामान लेने के लिए वेयरहाउस नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे सामान नहीं बिक रहा है। सबसे ज्यादा असर व्यवसाय पर बाहरी राज्यों से पर्यटकों का न आना रहा है।
पर्यटक जम्मू-कश्मीर घूमने आते हैं। इस कारण होटलों, रेस्तरां सहित अन्य स्थानों से राशन की डिमांड आती थी। लेकिन, अब व्यापारी सामान लेने आने से डर रहे हैं। हालत ऐसे ही रहे तो आगामी समय में कारोबार और मंदा हो सकता है। दुकानों और मुलाजिमों का खर्चा निकालना मुश्किल हो सकता है।
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यह सामान मिलता है वेयरहाउस में
वेयरहाउस से हर तरह की खाद्य सामग्री थोक मूल्य पर मिलती है। यहां पर दाल, चावल, आटा, घी, तेल, चीनी, मसाले सहित अन्य खाने की जरूरी वस्तुओं का कारोबार होता है। छोटे दुकानदार भी यहीं से सस्ती दरों पर राशन लेकर बेचते हैं और मुनाफा कमाते हैं।
पहले रहती थी भीड़, अब कम आ रहे लोग
पहले दिनभर में सामान लेने वालों की भीड़ रहती थी। व्यापारियों के पास बात करने तक का समय नहीं होता था। यहां पर कश्मीर से लेकर कठुआ और दूरदराज इलाकों से व्यापारी सस्ता राशन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा समय में व्यवसाय 40 फीसदी तक ही रह गया है। हमले के बाद कारोबार मंदा हो गया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए रोजाना यहां से 150 ट्रक सामान का जाता था, लेकिन अब यह संख्या 20 से 30 ट्रक तक सिमट चुकी है।
- विक्रम सिंह, व्यापारी, वेयरहाउस
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दालों की खरीदारी हुई कम, करोड़ों का हुआ नुकसान
दालों की खरीदारी वेयरहाउस से सबसे ज्यादा होती है। पहले कठुआ और श्रीनगर से व्यापारी आते थे। हमले के बाद व्यापारियों ने आना छोड़ दिया है। इस कारण सामान गोदामों में ही पड़ा है। हमले के बाद अभी तक व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। पहले 350 से ज्यादा ट्रक सामान का पहुंचता था। लेकिन, अब 50 से 70 ट्रक ही आ रहे हैं।
-कीर्ति गुप्ता, दाल कारोबारी, वेयरहाउस
पर्यटन न आने से कारोबार पर पड़ रहा असर
पर्यटन के कारण ही कारोबार होता है। पर्यटन बंद होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। पहले की अपेक्षा व्यवसाय कम हो चुका है। लोगों को फोन कर बुलाना पड़ रहा है। दिन में वेयरहाउस सूना पड़ जाता है। पहले 25 से 30 करोड़ रुपये का रोजाना व्यवसाय होता था, जो अब 7 से 10 करोड़ तक सिमट चुका है।
- दीपक गुप्ता, अध्यक्ष, फेडरेशन ट्रेडर्स वेलफेयर, वेयरहाउस
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वेयरहाउस इतना है महत्वपूर्ण
-हर रोज 300 ट्रक वेयरहाउस आते हैं
-150 ट्रक सामान की हर रोज प्रदेश में आपूर्ति होती है
-तीन हजार लोगों को मिला है रोजगार
-एक हजार से ज्यादा हैं दुकानें
-पहले प्रदेशभर से दस हजार से ज्यादा व्यापारी हर रोज सामान लेने आते थे