केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में चार पाठ्यक्रम अब ऑनलाइन भी पढ़ाए जाएंगे। अगस्त से शुरू हो रहे सत्र से धर्म-विज्ञान, योग, भारतीय संस्कृति की धरोहर और पीजी डिप्लोमा इन हिंदी अनुवाद पाठ्यक्रम की पढ़ाई ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से करवाई जा सकती है। हिंदी अनुवाद में पीजी डिप्लोमा के लिए विश्वविद्यालय लिखित परीक्षा लेगा।
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विश्वविद्यालय ने प्रदेश में पहली बार इस तरह का पहल की है, इससे छात्रों को केवल पुस्तकों का ज्ञान ही प्राप्त नहीं होगा बल्कि धर्म और संस्कृति के बारे में जानने का भी मौका मिलेगा। ऑनलाइन का फायदा विवि के विद्यार्थियों के साथ-साथ देश भर के छात्रों को भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के शुरू किए स्वयं पोर्टल में 1300 से ज्यादा छात्र अलग-अलग कोर्स की पढ़ाई ऑनलाइन कर रहे हैं। इसमें विभागों ने छात्रों को अपनी इच्छा अनुसार विषय चयन की छूट दी है। शैक्षणिक संस्थानों में इस पोर्टल निशुल्क कोर्स करवाए जा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रसाल सिंह ने बताया कि कोरोना काल से मुक्ति के बाद ही ये पाठ्यक्रम ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी पढ़ाए जाएंगे। हालांकि एक ही पाठ्यक्रम को दोनों माध्यमों से संचालित करना चुनौतिपूर्ण रहेगा। विश्वविद्यालय को इसके लिए काफी तैयारी करनी होगी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित करना होगा।