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जम्मू-कश्मीर: त्राल मुठभेड़ में बरामद एम4 कारबाइन फोरेंसिक जांच को भेजा

Fri, 09 Nov 2018 01:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में सुरक्षाबलों द्वारा मुठभेड़ के दौरान मारे गए आतंकियों से बरामद हुई यूएस मेड एम4 कारबाइन राइफल को जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के पास भेजा दिया गया है। 
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एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) मुनीर खान के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया है ताकि यह सबूत मिल पाए कि इसी हथियार से स्नाइपिंग हमलों को घाटी में अंजाम दिया गया था। 

बता दें कि 30 अक्तूबर को त्राल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी थी। 
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इनमें से एक की शिनाख्त जैश के मौलाना मसूद अजहर के भतीजे और जैश कमांडर उस्मान के तौर पर हुई थी जबकि दूसरा आतंकी शौकत अहमद स्थानीय था। 

उस्मान से एम4 कारबाइन बरामद हुई थी जिस पर नाइट विजन डिवाइस लगी हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि यह दोनों आतंकी एक के बाद एक हुए तीन आतंकी हमलों (त्राल, पुलवामा और नौगाम) में शामिल थे जिनमें तीन जवान शहीद हुए थे। 

इस बीच पुलिस ने भी यूएस मेड एम4 के बरामद किए जाने की पुष्टि के साथ कहा था कि लगता है कि घाटी में हुए स्टैंड ऑफ हमलों में इसी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। 

इन दावों पर मुहर लगाने के लिए इस राइफल को जांच के लिए चंडीगढ़ फोरेंसिक लैबोरेटरी भेजा गया है। एडीजीपी मुनीर खान के बताया कि यह एक प्रक्रिया है कि जब भी नया हथियार बरामद होता है तो उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाता है। 

हम इससे पहले भी ऐसा करते आए हैं। रिपोर्ट से हमें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हाल ही के स्टैंड ऑफ हमलों में इसी एम4 का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। 
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फोरेंसिक रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों को उन साइटों से एकत्र किए गए सबूतों के साथ मिलाएंगे जहां जवानों की मौत हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार जहां यह स्टैंड ऑफ हमले अंजाम दिए गए वहां से खाली कारतूस व अन्य सबूत एकत्रित किए गए हैं। 

पहले भी एम4 हो चुका है बरामद
ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि जैश के आतंकियों द्वारा एम4 का इस्तेमाल किया हो। इससे पहले भी पिछले साल नवंबर में ऐसा ही हथियार तलहा रशीद से भी बरामद हुआ था जो मौलाना मसूद अजहर का रिश्तेदार था। 

एक अधिकारी ने बताया कि एम4 स्नाइपर राइफल नहीं है बल्कि यह एक ऐसी राइफल है जिस पर नाइट विजन डिवाइस लगी होती है। इससे 200 से 400 मीटर की दूरी से निशाना लगाया जा सकता है। 

बता दें कि बडगाम में पिछले दिनों पत्रकारों से बात करते हुए जीओसी 15वीं कोर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट ने भी यह स्पष्ट कर दिया था कि एम4 स्नाइपर राइफल नहीं है, इससे केवल कुछ दूरी से निशाना लगाया जा सकता है।
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