जम्मू-कश्मीर में चिनैनी के कुद इलाके में दो से तीन सशस्त्र संदिग्ध व्यक्ति देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। शाम तक कोई सफलता नहीं मिली थी। शनिवार को रामबन के बटोत में तीन आतंकी मारे जाने के दौरान जिन दो आतंकियों के मौके से फरार होने की सूचना थी। उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हैं और हर छोटे-छोटे इनपुट पर नजर रख रही हैं।
बताया जाता है कि बुधवार की सुबह एक युवक ने पुलिस को दो तीन संदिग्ध देखे जाने की सूचना दी। उसने बताया कि वह कुद के जंगलों में माल मवेशी चरा रहा था कि अचानक उसे तीन संदिग्ध दिखे जिन्होंने उसे बुलाया और थप्पड़ भी मारे साथ ही उसकी कमीज भी फाड़ दी, संदिग्धों के पास हथियार भी थे जो जंगल की ओर नाले के पास जाते हुए देखे गए हैं।
इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई और उन्होंने सेना, सीआरपीएफ, एसएसबी की मदद से कुद के जंगलों के इलावा सुध महादेव के जंगलों तक सर्च ऑपरेशन शाम तक चलाया साथ ही ड्रोन के जरिए भी सर्च किया परंतु कोई सफलता नहीं मिली।
इस टीम में एसएसपी उधमपुर राजीव पांडे, एडिशनल एसपी राजेंद्र कटोच, एसडीपीओ संतोष राज देओल, थाना प्रभारी कुद मोहम्मद अमीन, थाना प्रभारी चिनैनी परमजीत सिंह, सेना के मेजर ऋषि, कैप्टन राहुल, एसएसबी के अधिकारी राजेंद्र ठाकुर, सीआरपीएफ के पुष्पेंद्र तथा टेकचंद, आईआरपी के भगवान दत्त तथा अन्य अधिकारी शामिल थे। इस दौरान पत्थर लगने से एसएसपी का पांव भी जख्मी हो गया।
"एक युवक ने बताया कि उसे संदिग्ध दिखे हैं जिसके बाद कुद के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। ड्रोन की भी मदद ली गई परंतु शाम तक कोई भी संदिग्ध नहीं दिखा।"-राजीव पांडे, एसएसपी उधमपुर