प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कश्मीर की चुनौती के बाद कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में प्रियंका गांधी को नया चेहरा बना लिया है। रियासत के चुनाव में पहली बार प्रियंका गांधी के बड़े-बड़े कटआउट रैलियों में लगाए जा रहे हैं। सोनिया की रामबन रैली में इंदिरा गांधी की शक्ल से मिलती जुलती प्रियंका की तस्वीरें बड़े होर्डिंग्स में दिखीं।
इन होर्डिंग्स में प्रियंका की मुस्कान से लेकर बालों का स्टाइल और साड़ी पहनने का तरीका बिल्कुल इंदिरा गांधी की तरह है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी हाथों में प्रियंका की छोटी छोटी तस्वीरें रखे नजर आए।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर भी प्रियंका को नेतृत्व सौंपने की मांग उठी थी। जम्मू कश्मीर के चुनाव में कटआउट में प्रियंका का चेहरा नजर आने लगा है। प्रियंका का कश्मीर से लगाव रहा है।
चुनाव में पहली बार प्रियंका के कटआउट का इस्तेमाल
लोकसभा चुनाव के दौरान भी वह गांदरबल स्थित मां खीर भवानी के मंदिर आईं थीं जो कश्मीरी पंडितों की सबसे बड़ी आराध्य देवी हैं। कांग्रेस जम्मू कश्मीर के चुनाव में नेहरू की उपलब्धियों को भी भुनाने की कोशिश में है। नेहरू परिवार कश्मीर से ताल्लुक रखता है।
सोनिया ने रामबन की रैली में लोगों को याद दिलाया कि नेहरू ने ही जवाहर टनल बनाया था जिसकी बदौलत बर्फबारी में भी कश्मीर देश के अन्य भागों से जुड़ा रहता है। उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यक्रमों की भी चर्चा की।
सोनिया के संबोधन में नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी से लेकर मनमोहन सरकार तक की उपलब्धियां छाई रहीं। पीर पंजाल टनल का जिक्र आया और मनमोहन के प्रधानमंत्री पुनर्वास कार्यक्रम की भी चर्चा हुई।
रैली में इंदिरा से मिलती जुलतीं प्रियंका की तस्वीरें
कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में गुलाम नबी आजाद के शासनकाल को स्वर्णिम काल की संज्ञा देते हुए उसे भी वोट बैंक में बदलने की रणनीति पर काम शुरू किया है।
सोनिया के भाषण में आजाद द्वारा गठित जिलों, तहसीलों और नियाबतों की चर्चा तो हुई लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल में 250 से अधिक प्रशासनिक इकाइयों का जिक्र तक नहीं हुआ।
हालांकि, रियासत कांग्रेस नई प्रशासनिक इकाइयों को अपने संघर्ष का परिणाम बताती रही है। सोनिया के अंदाज पर भी मोदी की छाप दिखती है। आस्ट्रेलिया में जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन के तुरंत बाद राक स्टार अंदाज में लोगों से हाथ मिलाते नजर आए थे।
ठीक उसी अंदाज में भाषण के बाद सोनिया मंच से उतरीं और सुरक्षा घेरे को तोड़कर बैरिकेडिंग के उस पार खड़ी महिलाओं से मिलने जा पहुंचीं। मोदी
के ही अंदाज में सोनिया पूरे रैलीस्थल में एक छोर से दूसरे छोर तक लोगों के करीब जाकर हाथ हिलाते हुए उनसे मिलीं।
इतना ही नहीं जिस तरह मोदी अपनी सभाओं में जनता से सीधा संवाद करते नजर आते हैं उसी अंदाज में सोनिया ने अपने भाषण के अंत में लोगों से
कांग्रेस के समर्थन के बारे में सवाल किए और समर्थन में दोनों हाथ उठवाए।