बरसात में सड़कों में डाली तारकोल अब उखड़ गई है, गड्ढे ही गड्ढे हो गए है। यहां पर तारकोल जून माह में डाली गई मगर बरसात की दूसरी ही बारिश में सड़कें बह गई है। अब सड़कों के पत्थर भी बारिश से बह गए है। इस कारण सड़कों में गड्ढे हो गए है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने सड़कों में तारकोल डालने के बाद सड़कों की गुणवत्त्ता चेक किए बिना ही सड़कें पास कर दी। बताया जा रहा है कि सड़कों में तारकोल डालने के बाद तमाम सेंपल भी पास हुए मगर अब हालत यह है कि दूसरी ही बारिश से सड़कें उखड़ चुकी है। कुल मिलाकर सरकारी खजाने में करोड़ों की चपत लगी है।
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इसमें बड़ा सवाल यह है कि शहर में सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये पानी में बह गए है। मौजूदा समय में यूनिवर्सिटी रोड में तारकोल उखड़ने के बाद अब पत्थर भी बह गए है। सड़क की एक लेन में वाहन नहीं चल रहे हैं। इसी तरह नरवाल सड़क का हालबेहाल है। यहां पर वाहन चलाना मश्किल हो रहा है। छन्नी रामा में गड्ढे बड़े हो गए है। दोपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। बारिश के दौरान वाहन हादसों का ग्राफ भी बढ़ रहा है।
सड़क की सही जानकारी न होने के कारण पांच मामले जीएमसी में इलाज के लिए आए है। इन सड़कों में मई और जून माह के दौरान तारकोल बिछाया गया है। वाहन चालकों रमेश कुमार, श्याम कुमार, मनोज कुमार ने बताया कि तारकोल में गोलमाल हुआ है। अब दूसरी बारिश में सब बह गया। वाहन कहां चलाए। सरकार करोड़ों खर्च रही है मगर सुविधा नहीं मिल रही है।
गड्ढे में फंस गई कार, क्रेन ने निकाली
सीएसआईआर सड़क में बीते रोज हुई बारिश का पानी रुका हुआ है। ऐसे में यहां पर वाहन चालकों को सड़ क का पता नहीं चल रहा है। मंगलवार सुबह एक वाहन गड्ढे में फंस गया। काफी प्रयास करने के बाद भी बाहर नहीं आया। बाद में क्रेन के माध्यम से वाहन को निकाला गया।
सड़कों किनारे बनी नालियां भी ब्लॉक
सड़कों कर नारे बनी नालियां भी बलाक हो गई है। इस कारण भी पानी सड़कों में रुक जा रहा है। हालांकि नगर निगम ने नालियों को खोलने का दावा किया था मगर बारिशों के दौरान सारे दावे हवा हवाई साबित हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग से कारण पूछा जाएगा। शहर में शहर में सड़कों की गुणवत्ता पर विशेस ध्यान देने को कहा गया है। हाउस में भी अधिकारियों से व्यकितगत रूप से पूछा जाएगा। नए सिरे से तारकोल डालने के निर्देश दिए जाएंगे। - पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम