एनआईए कोर्ट के स्पेशल जज श्रीनगर अश्वनी कुमार शर्मा ने हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन के ओजीडब्ल्यू मोहम्मद अयूब धर निवासी सुभनपोरा, बीजबेहड़ा जिला आनंतनाग को आरोपों से बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष आरोपी पर दोष साबित करने में पूरी तरह से विफल रहा। आरोप था कि वह आतंकी संगठन की सहायता कर रहा है। संदेह में पुलिस ने आरोप को पकड़ कर मामला दर्ज किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी मट्टन जनरल रोड में वाई जंक्शन में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया था। इसके बाद छानबीन में सामने आया था कि ओजीडब्ल्यू आतंकी संगठन की सहायता कर रहा है। इतना ही नहीं आतंकियों को खाना भी मुहैया करवाता था।
इस पर अंडर सेक्शन 18, 19 यूएपी एक्ट 1967 के तहत मामला दर्ज किया गया था। छानबीन के बाद चालान पेश किया गया। कोर्ट में मामले की सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया। कोर्ट में ओजीडब्ल्यू पर लगे आरोप साबित नहीं हो पाए। इस कारण उसे बरी कर दिया गया। बेल बॉंड और पर्सनल बॉंड को भी अदालत ने खारिज कर दिया है। मामले में संपत्ति को भी सील नहीं किया है।