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डीएनडी की तर्ज पर बनेगा पठानकोट-बसोहली-बनी पुल डोडा हाईवे, छत्रगलां टनल तैयार करेगी बीआरओ

Mon, 03 Aug 2020 03:59 PM IST
प्रशांत कुमार एस खजूरिया, कठुआ
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कार्य करते श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट-बसोहली-बनी-भद्रवाह-पुल डोडा नेशनल हाईवे और छत्रगलां टनल डायरेक्ट फ्लाईवे की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना है। दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाईवे की ही तरह विकसित होने वाला यह मार्ग चिनाब घाटी से एक्सप्रेस वे को जोड़ने का भी महत्वपूर्ण लिंक स्थापित करेगा।

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170 किलोमीटर लंबे इस हाईवे और देश की सबसे नवीनतम तकनीकों को इस्तेमाल कर विकसित की जाने वाली छत्रगलां टनल घाटी के लिए वैकल्पिक हाईवे का भी काम करेगी। पठानकोट से भद्रवाह डोडा को रूख करने वाले माल वाहक वाहनों के साथ-साथ सुरक्षाबलों के लिए भी चिनाब घाटी तक पहुंचना और भी सुगम और कम समय वाला हो जाएगा। 35 सौ करोड़ से बनने वाली छत्रगलां टनल को बीआरओ की ओर से तैयार किए जाने की योजना है तो वहीं बसोहली-बनी-पुल डोडा के बीच हाईवे को एनएचएआई आने वाले समय में विस्तार देगा।

एक्सप्रेस वे से सीधा जुड़ेगा चिनाब रीजन
चिनाब रीजन के लोगों को अब दिल्ली तक पहुंचने के लिए बसोहली-बनी-भद्रवाह नेशनल हाईवे बेहतर विकल्प बनेगा। इस रीजन के लोग चार से पांच घंटों में ही पठानकोट से गुजरने वाले एक्सप्रेस वे पर पहुंच जाएंगे। आज के समय में इस दूरी को तय करने में कम से कम 10 घंटे का समय लगता है।
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अभी पठानकोट से भद्रवाह तक का यह सड़क मार्ग 170 किमी लंबा है पठानकोट से बसोहली तक सड़क ठीक है। बनी की ओर जहां सड़क विस्तारीकरण ग्रेफ की ओर से जारी है वहीं लोआंग से छत्रगलां तक सड़क विस्तारीकरण का कार्य फिलहाल किया जाना है।

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60 किलोमीटर तक कम होगी सड़क की दूरी

170 किमी लंबे मार्ग पर टनल बन जाने से दूरी लगभग 26 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। वहीं पूरे मार्ग पर घुमावदार पर्वतीय रास्तों को सीधा करने के साथ-साथ कई छोटी टनल तथा पुलों का निर्माण होने से 30 किलोमीटर और रास्ता कम होने की बात डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिर्पोट में (डीपीआर) में सामने आई है। इससे यह राष्ट्रीय राजमार्ग मात्र 110 किमी रह जाएगा।

कठुआ के पर्वतीय इलाकों का होगा कायाकल्प
कठुआ जिले के पर्वतीय क्षेत्र बसोहली, बनी, सरथल प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब होने के बावजूद खस्ता सड़क मार्ग के चलते घोर अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से न केवल पूरे इलाके का विकास होगा बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों को इसका लाभ मिलेगा।

घाटी के लिए वैकल्पिक मार्ग होगा यह हाईवे
एनएच बसोहली से शुरू होकर वर्तमान में बटोत-डोडा-किश्तवाड़-सिंथन अनंतनाग से होते हुए गुजर रहे नेशनल हाईवे 244 से जुड़ेगा। लखनपुर से बसोहली तक का सफर भी सुगम होगा जिस पर पहले से ही काम चल रहा है। चिनाब रीजन से जोड़ने के साथ ही यह घाटी के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा।
यह परियोजना संसदीय क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। पठानकोट से लेकर बसोहली-बनी-भद्रवाह और पुल डोडा तक का यह हाईवे प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। चूंकि परियोजना में भारी भरकम राशि के खर्च होने का अनुमान है ऐसे में संबंधित मंत्रालय के विभागों से विचार विमर्श कर हाईवे प्राधिकरण और बीआरओ को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपने पर निर्णय हुआ है। हाईवे और छत्रगलां टनल अपने साथ विकास और रोजगार के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र तक पहुंच की असीम संभावनाएं लेकर आएंगी। दिल्ली नोयडा डायरेक्ट फ्लाईवे की तर्ज पर ही यह एक्सप्रेस वे कॉरिडोर को विकसित किए जाने की योजना है। -डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
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