पाकिस्तान सीमा से लगते जम्मू संभाग के जिला राजोरी और पुंछ के जंगलों में छिपे आतंकियों व उनके मददगारों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षाबलों ने व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चला रखा है। मंगलवार को सुरक्षाबलों दोनों जिलों के जंगली इलाकों का चप्पा-चप्पा खंगाला। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संदिग्ध देखे जाने पर कुछ देर के लिए मुगल रोड को भी बंद रखा गया। लेकिन कुछे घंटे के अंतराल के बाद इसे फिर यातायात के लिए खोल दिया गया।
इससे पहले सोमवार को तीन लोगों को आतंकी मददगार होने के संदेह में बुद्धल के बहरोट गांव से हिरासत में लिया गया है। पुलिस आतंकियों के संपर्क में रहे लोगों और उनके छिपने के ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह से मुरादपुर, बथुनी, घई भवाल (सुंदरबनी), कालाकोट में तत्ता पानी ब्रोह, मंजाकोट में गमबीर मुगलान और राजोरी के थन्नामंडी, पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गुरसाई, जबरनवाली गली, सरुती और अरी गांवों में भ तलाशी अभियान चल रहा है।
पुलिस, सेना और सीआरपीएफके जवान इस अभियान में लगे हुए हैं। संयुक्त तलाशी अभियान देर रात तक जारी था। यह कार्रवाई 17 नवंबर को बहरोट गांव में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी के मामले में की जा रही है। इन पर आतंकियों की मदद करने और पनाह देने का संदेह है। बताया जा रहा है तीनों संदिग्धोें को पुलिस के एसओजी कैंप राजोरी लाया गया है। यहां एसएसपी राजोरी अमृतपाल सिंह स्वयं पूछताछ कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अभी कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद से तलाशी अभियान जारी
बताते चलें कि 22 व 23 नवंबर को राजोरी के कालाकोट और धर्मसाल पुलिस थाने के बाजीमल में दो आतंकियों को मार गिराने के बाद तलाशी अभियान जारी है। एनकाउंटर में दो कैप्टन सहित पांच सैनिक बलिदान हो गए थे। दो दिसंबर को सुरक्षा बलों ने दरहाल के टोपा हिलटोक में 5 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद की थी। वहीं, जिले के जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद से जारी सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी रहा।