मतदान के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दक्षिणी कश्मीर में आतंक के साये में नगर निकाय चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान सोमवार को होने जा रहा है। प्रत्याशियों में न तो जोश है और न ही मतदाताओं में उत्साह। कारण आतंकियों की धमकी तथा अलगाववादियों के बहिष्कार व बंद से चुनाव का रंग बिल्कुल फीका है।
आतंकियों की धमकी के चलते कई प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। कई ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर चुनाव से हटने की घोषणा की। कुछ ने सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी। चुनाव मैदान में डटे प्रत्याशियों को सरकार की ओर से कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या भी काफी अधिक है।
प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। बूथों पर सुरक्षा के साथ ही आस पास के इलाकों में भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि मतदाताओं को धमकाया न जा सके। वह घर से निकलकर मतदान का प्रयोग निर्भिक होकर कर सकें। नेकां तथा पीडीपी के चुनाव बहिष्कार के चलते अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस व भाजपा के बीच ही बताया जा रहा है। कई जगह निर्दलीय प्रत्याशी भी दम ठोकते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि आतंकी धमकी तथा बंद के बीच मतदान के लिए कितने लोग निकलते हैं।