केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जम्मू कश्मीर पाकिस्तान के अधूरे एजेंडे का अंग रहा है। 1947, 1965, 1971 के बाद कारगिल युद्ध में भी मात खाने के बाद उसने भारत के खिलाफ गैर परंपरागत युद्ध का सहारा लिया। इसका भारत ने डटकर मुकाबला किया है और राष्ट्र की आतंक से लड़ने की क्षमता बढ़ी है।
बहरहाल रियासत के कुछ दल आतंकवाद और पाक के एजेंडे का खुलकर विरोध नहीं करते। इस वजह से पाकिस्तान अलगाववाद को पनपाने की साजिश पर काम कर रहा है। इस साजिश को भी मात देने के लिए जम्मू कश्मीर में भाजपा सरकार की जरूरत है।
भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में जम्मू पहुंचे जेटली ने कहा कि अमेरिका पर आतंकवादी हमले के बाद से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और आतंकवाद का साथ देने वाले देशों का दुनिया साथ नहीं दे रही। इसलिए पाकिस्तान जैसे राष्ट्र अलगाववाद के जरिये अब जम्मू कश्मीर में अपने एजेंडे को पनपाना चाहते है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के बहुमत वाली एनडीए सरकार के सत्ता संभालने के बाद राष्ट्र विरोधी ताकते पस्त हो गई है। जम्मू कश्मीर में भी अब जरूरत है कि भाजपा की सरकार बने और पाकिस्तान के अधूरे एजेंडे के साथ साथ परिवारवाद की राजनीति जोकि कभी सेल्फ रूल तो कभी स्वायत्तता का राग अलापती है को सत्ता से दूर कर जम्मू कश्मीर के हर हिस्से को विकास की राह पर अग्रसर और खुशहाल किया जा सकें।