इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दूसरे दिन शुक्रवार को अभिनव थियेटर में शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। हालांकि हाल में लोग कम संख्या में फिल्में देखने पहुंचे। फिल्मों के माध्यम से देश और विदेशी संस्कृति के बारे में जानकारी दी गई। दूसरे दिन भी ज्यूरी पैनल में जज की भूमिका ललित परिमू, मुश्ताक काक, कपिल मट्टू, अमित सिंह और नीरज बडयाल ने निभाई।
इससे पहले केएल सहगल हाल में अभिनय योग पर एक्टिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें निर्देशक ललित पारिमू ने युवा कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए टिप्स दिए। उन्होंने कहा आज के दौर में तकनीक के कारण काम करना आसान हो गया है। इतना ही नहीं फिल्मों और नाटकों में डायलॉग बोलने में कठिनाई नहीं आती।
उन्होंने कलाकारों को डायलॉग स्पष्ट और सही तरीके से बोलने को कहा। साथ ही लोगों की भावनाओं के अनुसार ही काम करने के लिए प्रेरित किया। नाटक या फिल्मों में डायलॉग बोलते समय अटकें न। सही तरीके से रिहर्सल होनी चाहिए। इससे आगे बढ़ने के मौके कलाकारों को हमेशा मिलते रहेंगे।
वहीं, दूसरे दिन भारत में बनी फिल्म माउंटेन, प्रीस्ट, सन, डेथ ऑफ ऑडियंस, हैप्पी बर्थडे, ब्लैक लेबल, फॉरबिडन, द सी स्वेल, हरमिट, स्टिल यंग, लाइक व वेव, विलिंग आइडल, चिट्स, ब्वॉयज नाइट, मिर्ची कैफे, हीयर मी, सेव्वी, रोड, बैलोरा, सेलमेट और अन्य फिल्में दिखाई गईं।