जम्मू-कश्मीर में अब स्थानिय प्रजातियों की जगह फलों की नई प्रजातियों के पौधे उगाने की तैयारी है। मेगा होल्टीकल्चर नर्सरी फॉर हाई डेनस्टी प्लांट प्रोजेक्ट के तहत बड़ा बदलाव लाया जा रहा है। इसमें बागवानों को लीची, आम, अमरूद, खुमानी समेत अन्य फलदार पौधे वितरित किए जाएंगे।
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मौजूदा समय में स्थानीय प्रजातियों के फलदार पौधों के फल ही बाजारों तक पहुंच रहे हैं मगर यह फल प्रदेश भर में लोगों की जरूरत को पूरा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब नई प्रजातियों के फल के पौधे लगाने से पैदावार डबल हो जाएगी और साथ ही आय में इजाफा होगा।
कई बार पैदावार अच्छी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में बागवानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। इस बारे में प्रधान सचिव नवीन चौधरी भी अधिकारियों केे निर्देश दे चुके हैं। इसके अलावा बागवानी विभाग अपने स्तर पर भी प्रदेश भर में नई प्रजातियों के बाग लगाएगा। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है। इसके अलावा रेड चिली के लिए छह सौ कनाल जमीन में बाग बनाया जाएगा।
इसे प्रदेश और देश के अन्य भागों में भेजा जाएगा। ये तमाम पौधे कम समय में तैयार होकर फल देना शुरू कर देते हैं। चार से पांच साल में पौधे तैयार होंगे। अब इस माह से पौधे वितरति करने पर काम शुरू होगा। बागवानी विभाग के निदेशक राम सेवक ने बताया कि पहले सेब की प्रजातियों को अपग्रेड किया गया। अब आम, लीची, अमरूद और अन्य पर काम शुरू हो रहा है।