हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार के तमाम आदेशों, अधिसूचनाओं और निर्देशों का पालन हो। जो इसका पालन नहीं करता उस पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई करें।
चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने कोरोना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को यह निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों से कहा है कि उनके स्तर पर होने वाली सभी तरह की कार्रवाई सख्ती से अमल में लाई जाए।
वहीं कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की हाईकोर्ट से संबंधित मामलों पर असर पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ा असर कोर्ट में पेशी का है। इसके लिए हाईकोर्ट बार वीडियो कांफ्रेंसिंग पर जोर दे रहा है। लेकिन अभी तक पूरी तरह से जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड, बाल सुधार गृह, जेलें और कोर्ट आपस में नहीं जुड़ सके हैं।
क्योंकि कई जगहों पर नेटवर्क कमजोर है, कई जगहों पर कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस पर हाईकोर्ट ने बीएसएनएल से जवाब मांगा था। बीएसएनएल ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। बताया कि 2018 में लीज लाइन के लिए एस्टीमेट दिया गया था।