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हाईकोर्ट ने कहा: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की सरकार करे तैयारी, सभी को लगे टीका

Fri, 11 Jun 2021 11:43 AM IST
प्रशांत कुमार जेएनएफ, जम्मू

सार

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने गुरुवार को सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना अभी से कर लें। अब तक की गई अस्थायी व्यवस्थाओं को पूरी तरह से समाप्त न करें, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन सुविधाओं का उपयोग किया जा सके। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी करे। आशा है कि वह पहले से ही ऐसा कर रही होगी। साथ ही सरकार को कोरोना का टीका सभी को लगाना चाहिए। इसके लिए संस्थान वार नए सिरे से अभियान भी चलाया जाना चाहिए।

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एडवोकेट दिनेश चौहान के माध्यम से बलविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित  याचिका दायर की थी कि कोरोना से मरने वाले शख्स का पोस्टमार्टम न हो और शव उसके परिवार को सौंप दिया जाए। उसके परिवार को कम से कम मरने वाले का चेहरा तो देखना दिया जाए। वह पूरे रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर सके। कोर्ट ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। 

दाह संस्कार के बाद अस्थियां चुनने की अनुमति
कोर्ट ने कहा है कि मृतक का चेहरा देखना दिया जाएगा। वह सभी धार्मिक संस्कार किए जा सकते हैं जिसमें शव को स्पर्श न करना हो। कोई परिजन शव के साथ लिपट नहीं सकता। अंतिम संस्कार के बाद परिजन अस्थियां भी चुन सकते हैं, क्योंकि राख से किसी तरह का संक्रमण नहीं होता। कोविड प्रोटोकाल में ऐसा हो भी रहा है। मृतक के 20 रिश्तेदारों की मौजूदगी में उसका संस्कार हो रहा है। हमें लगता है कि सरकार लोगों की भावनाओं को समझ रही है। हां, हम उम्मीद करते हैं कि कोरोना से मरने वाले लोगों के परिवारों को प्रताड़ित न किया जाए। इस पर सख्ती से अमल होना चाहिए। 
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कोविड से निपटने का एक्शन प्लान दाखिल
खंडपीठ ने कहा, कोविड को लेकर कोर्ट में कई आवेदन दाखिल किए गए हैं। इसमें शिकायतें और सुझाव दिए गए हैं। एडवोकेट जनरल इन सबको लेकर सरकार से बात करें। इसमें कोर्ट के सहयोगी वकीलों की मदद भी लें। इससे पहले एडवोकेट जनरल डीसी रैैना ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड से निपटने वाले एक्शन प्लान की जानकारी दी। कोर्ट में हलफनामा दायर कर जानकारी दी गई कि कोरोना से निपटने के लिए क्या - क्या तैयारियां की गई हैं।
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