फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: कमिश्नर धारा 144 लागू नहीं कर सकते, सरकार ने मजिस्ट्रेट को ही दी हैं विशेष शक्तियां  

Sat, 25 Dec 2021 01:17 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार


जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने एक सुनवाई करते हुए कहा कि मंडलायुक्त के पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां नहीं हैं। कुलगाम में प्लास्टिक इकाई को बंद करने के मामले में इस प्रकार के एक आदेश को कोर्ट ने खारिज कर दिया। 
विज्ञापन
highcourt srinagar - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने एक आदेश को रद्द कर कहा कि मंडलायुक्त (डिवकॉम) के पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां नहीं हैं। वे सीआरपीसी की धारा 144 के तहत आदेश जारी नहीं कर सकते। न तो डिवकॉम और ना ही उनके कार्यालय के तहत आने वाले उप निदेशक अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी के पास मजिस्ट्रेट के अधिकार हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कश्मीर मंडलायुक्त और उप निदेशक (ईएंडएस) की ओर से जारी उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक प्लास्टिक इकाई को प्रदूषण के चलते बंद करने के कहा गया था।

विज्ञापन


न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि कुलगाम जिले में कैमोह क्वाकी बाजार में स्थित इकाई को लेकर संबंधित अधिकृत मजिस्ट्रेट अथवा अधिकृत एजेंसी ही कार्रवाई कर सकती है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 की शक्तियां इस्तेमाल करने के लिए प्रदेश सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट, सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट और कार्यकारी मजिस्ट्रेट को विशेष रूप से शक्तियां प्रदान की हैं।

इसमें डिवकॉम और उनके कार्यालय के साथ काम करने वाले उप निदेशक नहीं आते। कोर्ट ने कहा कि जन जीवन पर किसी भी तरह के खतरे व आपात स्थिति को देखते हुए अधिकृत मजिस्ट्रेट 144 लागू कर सकते हैं। इसका आदेश दो माह की अवधि तक प्रभावी रहता है, जिसके बाद सरकार इसे बढ़ाने के लिए अधिसूचना जारी कर सकती है।
विज्ञापन


इस मामले में याची अपनी मालिकाना भूमि पर प्लास्टिक का एकत्रीकरण, भंडारण और पृथकीकरण करता है। इससे प्रदूषण का मामला जल प्रदूषण रोकथाम अधिनियम 1974 व वायु प्रदूषण अधिनियम 1981 के दायरे में आता है, जिस पर डिवकॉम आदेश जारी नहीं कर सकते।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें