बेटी बचाओ अभियान को कामयाब बनाने के लिए रियासत के स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने एक नया फार्मूला सुझाया है। उनका मानना है कि बेटियां बचाने के लिए लिंग परीक्षण संबंधी कानून में बदलाव होना चाहिए। परीक्षण में लगी पाबंदी को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए।
बसोहली में हेल्थ एंड हेरिटेज मेले का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में सोनोग्राफी के माध्यम से गर्भवती महिला के भ्रूण की जांच करवाई जाए और कन्या भ्रूण की पुष्टि होने पर सरकार कन्या के स्वस्थ और सुरक्षित जन्म की जिम्मेदारी ले, तो लिंग अनुपात की समस्या का समाधान हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए लिंग जांच पर पाबंदी के कानून में संशोधन पर आम राय बनाने का प्रयास किया जाएगा।