नए विधायकों के सवालों ने विधायी पंडितों का लाजवाब कर दिया। रियासत में पहली बार नए विधायकों के प्रशिक्षण के लिए आयोजित वर्कशाप में कई बार ऐसे मौके आए जब हाल ठहाकों से गूंज उठा।
विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य और स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह ने जब विधायकों के विशेषाधिकार की चर्चा की तो पीपुल्स कांफ्रेंस के बशीर अहमद डार ने सवाल दागा-विधायकों को इतना पावर है तो फिर मार्शल उन्हें घसीटता क्यों है।
इस मासूम सवाल पर प्रशिक्षण हाल में ठहाके देर तक गूंजते रहे। वर्कशाप में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी तो पूर्व वित्त मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर ने नए विधायकों को विधायी प्रक्रिया का ककहरा सिखाया।
विधायकों को जब यह बताया गया कि शून्य काल में वह बिना पूर्व सूचना दिए महत्वपूर्ण मामले उठा सकते हैं तो विधान परिषद के नए सदस्य भाजपा के विबोध गुप्ता ने कहा कि हम तो सत्ता पक्ष वाले हैं, हमें तो सरकार के पक्ष में ही चलना है।
फारूक अंद्राबी ने चुटकी ली
इस पर पीडीपी के फारूक अंद्राबी ने चुटकी ली कि जहां रवींद्र रैना की मौजूदगी होगी वहां सत्तापक्ष भी विपक्ष ही लगेगा। रैना पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं और जुझारू नेता के रूप में उनकी स्थापित छवि है।
पीडीपी विधायकों द्वारा अफजल गुरु के अवशेष की वापसी की मांग पर भी वह विरोध में सबसे अधिक मुखर दिखे थे। पीडीपी विधायक अंद्राबी ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि रैना को मंत्री बना दो वरना वह सत्ता पक्ष को विपक्ष बना देगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में अब विधायक इंजीनियर रशीद और रैना में भिड़ंत होगी। रशीद कट्टरवादी हैं और उन्हें पिछली विधानसभा में कई बार मार्शल आउट किया जा चुका है। जम्मू कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा में 58 सदस्य पहली बार चुनकर आए हैं। इसके अलावा विधान परिषद में भी 11 सदस्य नए चुने गए हैं।
पूर्व वित्त मंत्री राथर इस बार चुनाव हार गए हैं, लेकिन, विधानसभा सचिव के अनुरोध पर वह वर्कशाप में आए और नए विधायकों को विधायी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राथर ने अमर उजाला से कहा कि नए विधायकों को प्रशिक्षित करना अच्छा कदम है। हमने उन्हें प्रक्रिया और विधायी व्यवहार के बारे में बताया।
इतिहास में पहली बार वर्कशाप आयोजित हुई
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने कहा कि रियासत की विधायिका के इतिहास में यह पहला मौका है जब इस तरह की वर्कशाप आयोजित हुई है। मुफ्ती ने विधायकों से कहा कि विधानसभा और परिषद सम्मान और गरिमा का स्थल है। इनके गौरव को बनाए रखना विधायकों की जिम्मेदारी है।
वर्कशाप का आयोजन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड पब्लिक एडमिनस्ट्रेशन ने किया था। तकनीकी सत्र को राथर के अलावा विधानसभा के सचिव मोहम्मद रमजान और विधि विभाग के प्रोफेसर एक के शर्मा ने संबोधित किया। वर्कशाप में प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयक, निजी विधेयक और प्रस्ताव समेत विधायी बिजनेस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि वह भी पहली बार विधायक बने हैं। वर्कशाप का आयोजन प्रगतिशील आइडिया है। विधि मंत्री बशारत बुखारी ने कहा कि नए विधायकों में क्षमता विकास होगा और वह अवाम से जुड़े मुद्दे बेहतर तरीके से उठा सकेंगे। भाजपा विधायक कवींद्र गुप्ता विधानसभा के अध्यक्ष बनने वाले हैं। गुप्ता ने कहा कि इस वर्कशाप के बाद उन्हें सदन चलाने में सहूलियत होगी।