हाईकोर्ट में दायर होने वाले मुकदमों की अब सरकारी वकीलों को भी एडवांस में जानकारी देनी होगी। जिससे की उनके पास सरकार का पक्ष रखने का पर्याप्त समय हो। हाईकोर्ट ने इसे लेकर आदेश भी जारी किया है। अब डायरेक्टर लिटिगेशन के अलावा संबंधित सरकारी वकील को भी अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी।
सूत्रों का कहना है कि कई सरकारी वकीलों ने चीफ जस्टिस से यह मांग की थी कि उनको भी डायरेक्टर लिटिगेशन के साथ मुकदमे की जानकारी दी जाए। ताकि उन्हें सरकार का पक्ष रखने के लिए समय मिल सके। कोरोना काल की बंदिशों के चलते दिक्कतों ज्यादा बढ़ गई थी। इसे देखते हुए चीफ जस्टिस ने इसका आदेश जारी किया।
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हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जावेद अहमद की ओर से इसकी लिखित सूचना दे दी है। इससे पहले मुकदमा दायर करने वाले सिर्फ डायरेक्टर लिटिगेशन को ही जानकारी देते थे। इसके बाद डायरेक्टर लिटिगेशन संबंधित विभाग को जानकारी देते थे। लेकिन इसमें दो से तीन दिन का वक्त लग जाता था।
ऐसे में जब मुकदमे पर सुनवाई होती थी तो सरकारी वकीलों को उसी दिन पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ता था। इसकी वजह से सरकारी वकील अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पा रहे थे।