कश्मीर में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। पारा गिरने के साथ स्वाइन फ्लू के एच1एन1 नामक वायरस के सक्रिय होने की आशंका बढ़ी है। कश्मीर के अलग हिस्सों में दो लोगों के स्वाइन फ्लू से मौत हुई है।
कश्मीर के साथ जम्मू संभाग के सभी जिला अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पतालों में आइसोलेट यूनिट भी स्थापित किए जा रहे हैं।
एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर के अधीक्षक डा. नजीर चौधरी के अनुसार उनके अस्पताल में गत दिसंबर के आखिर में चार संदिग्ध मरीज पहुंचे थे, जिसमें तीन के सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जबकि 40 वर्षीय एक पुलवामा निवासी व्यक्ति की रिपोर्ट पाजिटिव आई। वह निमोनिया से पीड़ित होकर पहुंचा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। स्वाइन फ्लू को लेकर सभी तरह के जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं। स्किमस श्रीनगर में भी एक पाजिटिव मरीज की मौत की सूचना है।
जम्मू संभाग में कोई पाजिटिव मामला नहीं
स्वाइन फ्लू के पनपने की आशंका
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घाटी के सभी इलाकों में रात का पारा शून्य से नीचे चल रहा है। कई इलाकों में दिन का पारा भी शून्य के आसपास है, जिससे स्वाइन फ्लू के पनपने की आशंका ज्यादा रहती है। हालांकि पिछले कुछ साल के मुकाबले अभी तक हालात नियंत्रण में हैं। जम्मू संभाग में कोई पाजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
संभाग के एपिडामिनिलाजिस्ट डा. जेपी सिंह के अनुसार जिला स्तर के अस्पतालों में सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए स्वाइन फ्लू के टेस्ट लेने वाले चिकित्सा स्टाफ को बचाव वैक्सीन भी दी गई है।
जीएमसी में संदिग्ध मरीजों के पहुंचने पर उन्हें चोपड़ा नर्सिंग होम के आइसोलेट यूनिट में इलाज दिया जाएगा। अस्पताल के अधीक्षक डा. रोमेश गुप्ता ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए तैयारी की गई है। इसके लिए संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। अभी कोई पाजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
ये हैं लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय
स्वाइन फ्लू से बचाव बेहद जरूरी
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नियमित रोग को नजरअंदाज न करें
मामूली सा नियमित बुखार, कफ, गले में खराश को नजरअंदाज न करें। यह स्वाइन इनफ्लूएंजा फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। स्वाइन फ्लू का एच1एन1 नामक वायरस मानव शरीर के कई अंगों पर हमला करके उसकी जान ले लेता है।
बचाव के लिए जरूरी उपाय
सादे पानी को पीएं और पोषणयुक्त खाद्यान का सेवन करें
लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से थोड़ी दूरी बनाएं
खांसते अथवा छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को रुमाल अथवा अन्य चीज से कवर करें
प्रभावित सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही से परहेज करें