जम्मू-कश्मीर के लिए कुल 84 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें कश्मीर संभाग में 34750 एलपीएम की क्षमता वाले 37 प्लांट, जम्मू संभाग में 34400 की क्षमता वाले 45 प्लांट और स्किम्स श्रीनगर में 2500 एलपीएम की क्षमता वाले 2 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें जम्मू और कश्मीर संभाग में जुलाई के मध्य तक 27-27 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि कश्मीर में 9625 एलपीएम की क्षमता वाले 10 और जम्मू संभाग में 13125 एलपीएम की क्षमता वाले 18 प्लांट स्थापित करने का काम जारी है। इन सभी प्लांटों को अगस्त तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मची रही। लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं। अगस्त तक सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की क्षमता 71650 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) तक पहुंच जाएगी। प्रदेश में कुल 84 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मौजूदा समय में आधे से अधिक प्लांट लगा दिए गए हैं। पीएम केयर फंड से 34 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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देशभर में डेल्टा सहित अन्य नए वैरियंट की दस्तक से कोविड की तीसरी लहर को खतरनाक माना जा रहा है। दूसरी लहर में भी जम्मू कश्मीर में हजारों लोगों ने कोरोना से जान गंवाई। हालांकि, सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की समस्या अधिक नहीं रही। कोविड की घातक तीसरी लहर के परिणामों को ध्यान में रखते हुए गंभीर और सामान्य मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता करवाई जा रही है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों सहित अन्य आपात सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि लेवल 1, लेवल 2 और लेवल 3 के सभी कोविड अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके।
सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं आएगी : डुल्लू
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें बिस्तरों और अन्य जरूरी आपात सेवाओं को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जा रहा है। कोविड से गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन जीवनरक्षक का काम करती है। अगस्त तक सभी प्लांट लगा दिए जाएंगे। जम्मू कश्मीर के चिकित्सा क्षेत्र के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।