ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को वित्त वर्ष 2024-25 में बिजली की मांग के मुकाबले 277 मिलियन यूनिट कम आपूर्ति हुई। पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर बिजली आपूर्ति में काफी पीछे रहा।
बिजली आपूर्ति के मामले में जम्मू-कश्मीर की गिनती देश के सबसे खराब प्रदेशों में है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी पीछे है। केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बीते तीन वर्षों से बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को 18,526 मिलियन यूनिट की आवश्यकता थी। इस दौरान 18,439 मिलियन यूनिट की आपूर्ति हो सकी। कुल मांग की 0.5 फीसदी यानी कि 87 मिलियन यूनिट की आपूर्ति नहीं हो सकी।
इसी दौरान पड़ोसी राज्य पंजाब में बिजली की पूरी आपूर्ति हुई, तो हिमाचल प्रदेश में कुल मांग की 0.3 फीसदी आपूर्ति नहीं हो पाई। जोकि जम्मू कश्मीर से कम है। वित्त वर्ष 2024-25 में भी बिजली आपूर्ति के मामले में प्रदेश का यही हाल रहा। पंजाब को अपनी कुल मांग से 5 मिलियन यूनिट और हिमाचल प्रदेश को 38 मिलियन यूनिट बिजली नहीं मिली।
वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को 277 मिलियन यूनिट बिजली नहीं मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में भी प्रदेश बिजली आपूर्ति के मामले के मामले में दोनों राज्यों से पीछे था।