जम्मू के लोगों को न्यायपालिका पर भरोसा करना चाहिए। रसाना मामला चूंकि कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर ज्यादा नहीं बोलेंगे। लेकिन, गुनाहगारों को फांसी होनी चाहिए और बेगुनाहों को छोड़ देना चाहिए। यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने लखनपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए कि दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न करे और इसके लिए राज्यपाल से मिलकर आर्डिनेंस ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले का हल बहुत जल्द करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्सी हजार करोड़ रुपये जो प्रधानमंत्री ने रियासत को दिए थे उसके बारे में लोगों को बताना चाहिए कि वो कहां गया। आज भी कई गांवों में बिजली नहीं है। इतनी राशि आने के बाद अगर यह हाल है तो क्या उम्मीद है कि कल और बेहतर होगा।