जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम को लेकर हुए समझौते के बाद से अभी तक एलओसी पर किसी तरह की कोई भी घुसपैठ की कोशिश नहीं देखने को मिली है। इसके अलावा संघर्षविराम के उल्लंघन की भी कोई घटना नहीं हुई। बता दें कि डीजीपी ने ये बातें श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में टी-20 टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह के दौरान कहीं।
दिलबाग सिंह ने कहा कि वर्ष 2020 बहुत ही बेहतरीन रहा और हम चाहते हैं कि 2021 उससे भी अच्छा रहे। पिछले वर्ष भारी मात्रा में हेरोइन पकड़ी गई थी। अब जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा क्राइम ब्रांच में एक अलग शाखा खोली गई है जिसका नाम एंटी-नारकोटिक्स टास्क फाॅर्स रखा गया है। कहा कि ड्रग्स कश्मीर से सटी एलओसी के साथ साथ जम्मू के बॉर्डरों से भी इस पार भेजी जा रही है। पाकिस्तान द्वारा पिछले साल भारी मात्रा में ड्रग्स और नकदी के साथ साथ हथियार भेजे गए थे। हथियारों को भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
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श्रीनगर में सक्रिय आतंकियों की सूची और आतंकी भर्ती को लेकर कहा कि कुछ युवा श्रीनगर में आतंकवाद में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हम सक्षम हैं। इसमें धर्म गुरुओं और सोशल एक्टिविस्ट को भी अहम भूमिका निभानी होगी ताकि युवाओं को बंदूक से दूर रख सकें। पिछले साल करीब 35 से अधिक युवाओं को वापस मुख्यधारा में शामिल कराया गया जोकि आतंकवाद की राह पर निकल चुके थे। जबकि 12 युवाओं ने एनकाउंटर के दौरान सरेंडर भी किया।
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