जम्मू-कश्मीर सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए एकीकृत ग्राम विकास योजना (आईवीडीएस) शुरू की है। जनजातीय विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत एकीकृत ग्राम विकास योजना (आईवीडीपी) से लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में केंद्रित विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
ग्राम योजना के अलावा 400 से अधिक आदिवासी गांवों में बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करने के लिए 98 करोड़ का विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण विकास विभाग एवं जिला प्रशासन के समन्वय से योजना को क्रियान्वयन किया जा रहा है।
आदिवासी मामलों के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने 500 आदिवासी आबादी वाले सभी गांवों के लिए एकीकृत ग्राम विकास योजना तैयार करने के लिए जिला टीमों के साथ बैठक की। आदिवासी विकास पहल के तहत एकीकृत ग्राम विकास योजना में सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के अंतराल को भरने की परिकल्पना की गई है।
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इनमें स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, आवास, आजीविका, बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क, मोबाइल, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कृषि और गैर-कृषि गतिविधियां, बाजार हस्तक्षेप, कौशल एवं उद्यमिता, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटलीकरण शामिल हैं। एकीकृत ग्राम विकास योजना में पर्याप्त बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने, सामाजिक-पीआरआई की क्षमता निर्माण, अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता बढ़ाने और अधिकार हासिल करने शामिल है।
ग्राम पंचायतों के समन्वय से फील्ड टीमों द्वारा तैयार किए गए आईवीडीपी को जिला योजना और निगरानी समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। जिसमें उपायुक्तों और सभी संबंधित विभागों के सदस्य होंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय शीर्ष समिति जनजातीय मामलों के विभाग से स्क्रीनिंग और सिफारिश के बाद योजनाओं को मंजूरी मिलेगी।