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कश्मीर: दहशत फैला रहे आतंकी, औरंगजेब के बाद कांस्टेबल जावेद की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल

Fri, 06 Jul 2018 11:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जावेद अहमद डार
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कश्मीर के शोपियां से अपहृत पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह सात बजे उसका शव कुलगाम क्षेत्र में सड़क पर पड़ा मिला। आतंकियों ने पुलिसकर्मी के सिर पर गोली मारी थी। आतंकियों ने पुलिसकर्मी का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें उसके कपडे़ उतारे गए हैं। 
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आतंकियों ने अपहरण के बाद पुलिसकर्मी की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल की। इसमें उसके तन पर कपड़े नहीं हैं। लेकिन एसएसपी शोपियां चंदीप चौधरी का कहना है कि उनके पास अभी तक इस बारे में कोई वीडियो या फिर फोटो नहीं आया है।

हिजबुल मुजाहिदीन ने इस घटना अंजाम देने का दावा किया है। ठीक इसी तरह 22 दिन पहले ही आतंकियों ने ईद पर घर छुट्टी जा रहे सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी।
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जानकारी के अनुसार, शोपियां का रहने वाला जावेद अहमद डार वीरवार शाम को मां के लिए दवा लेने बाहर गया था। चार आतंकियों ने हवा में फायर करते हुए उसका अपहरण कर लिया। फिर उसे कार में डालकर ले गए थे। 
 

जावेद डार के परिजन विलाप करते हुए - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह उसका शव कुलगाम से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित किया गया। उसे शोपियां जिला पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। उसके बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। 

जावेद शोपयां के पूर्व एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा के साथ अटैच था। बताया गया है कि वह एसएसपी का आपरेटर रह चुका है। शोपियां में आतंकियों के खिलाफ काफी आपरेशन हुए है। माना जा रहा है कि आतंकियों ने उन्हीं आपरेशनों का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की है। 

क्योंकि जिला चीफ के साथ तैनात रहते हुए वह काफी आपरेशनों में शामिल रहा है। इस हत्या के पीछे हिजबुल का हाथ बताया गया है। अपने खिलाफ आपरेशनों से बौखलाए आतंकियों ने ऐसा किया है।
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जावेद डार के परिजन विलाप करते हुए - फोटो : अमर उजाला
पूरे इलाके में छाया मातम
जावेद की मौत की खबर इलाके में फैलते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। भारी संख्या में लोग उसके घर पहुंचना शुरू हो गए। मौत की खबर सुनने के बाद जावेद के बुजुर्ग माता पिता, भाई और बहनों का बुरा हाल था।

वो रोते बिलखते केवल एक ही सवाल पूछते दिखे कि आखिर जावेद का क्या कसूर था जो उसे इतनी बेरहमी से मारा गया। उसके घर पर मौजूद एक रिश्तेदार ने बताया कि वह मां से मिलने छुट्टी आया था, क्योंकि उसकी मां को हज पर जाना था। 

अपहरण कर हत्या करने का ट्रेंड
बता दें कि इससे पहले आतंकियों ने 14 जून को सेना के जवान औरंगजेव का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। दस मई 2017 को सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल फयाज अहमद का अपहरण कर हत्या की गई। इसी साल पुलिस के डीएसपी की मस्जिद के बाहर हत्या की गई। जून माह में बीएसएफ के जवान का अपहरण कर हत्या की गई।
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