सीएम महबूबा मुफ्ती अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेने के बाद अन्य मंत्रियों का नाम गिनाने लगीं, हालांकि इस दौरान उन्हें अहसास हुआ कि जल्दबाजी में उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा का नाम नहीं लिया है। प्रोटोकाल के तहत प्रधानमंत्री अगर किसी राज्य के दौरे पर हैं, तो उनके बाद राज्यपाल का नंबर आता है।
इसी गलती का अहसास होते ही सीएम ने राज्यपाल से मंच पर ही माफी मांगी और उनका नाम लिया। उन्होंने अपने भाषण पर्ची में शब्द छोटे लिखे होने का हवाला दिया और अपने भाषण को जारी रखा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम, स्पीकर का नाम ले लिया था।
महबूबा ने जताई उम्मीद, मोदी कश्मीरियों के घावों पर लगाते रहेंगे मरहम
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आशा व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रियासत के लोगों के दर्द और घावों के स्थायी समाधान को खोजने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे। शनिवार को श्रीनगर सेमी रिंग रोड परियोजना की आधारशिला रखने तथा 330 मेगावाट किशनगंगा पनबिजली परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में एकतरफा सीजफायर की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से एक बड़ा कदम है जिसके लिए हिम्मत की आवश्यकता है और इसे काफी हद तक उन्होंने प्रदर्शित किया है। न केवल राजनीतिक दल बल्कि राज्य में हर मां अपने घावों पर मलहम लगाने के लिए आभारी हैं। उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री की कई पहलों को याद करते हुए कहा कि यहां पर लोग मानते हैं कि उन्होंने इस साहसिक कदम को उठाया और यह केवल वही कर सकता है जिनके पास जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस स्थिति से बाहर ले जाने की शक्ति है।
वर्तमान सरकार का गठबंधन एजेंडा राज्य के सामने आने वाले मुद्दों और समस्याओं का समाधान करने के लिए पिछले 70 वर्षों में आम सहमति के राजनीतिक दस्तावेज के रूप में सामने आया है। प्रधानमंत्री और स्व: मुफ्ती मोहम्मद सईद ने राज्य के लिए एक रोड मैप खींचा, तो धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर के सामने आने वाले मुद्दों को हल करने के लिए यह आम सहमति राजनीतिक दस्तावेज बन गया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही वैलू-सिंघपोरा सुरंग पर काम शुरू होगा।
इससे पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 6000 करोड़ की लागत वाली 330 मेगावाट किशनगंगा पन-बिजली परियोजना राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने श्रीनगर शहर के लिए सेमी रिंग रोड परियोजना की नींव रखी, जिसकी पर लगभग 2000 करोड़ रुपये लागत आएगी।