अंतरराष्ट्रीय बार्डर से मात्र तीस फीट की दूरी पर अपने खेतों में दवा का छिड़काव कर रहे सीमावर्ती गांव नंगा के किसान पूर्ण चंद ने बताया कि मंगलवार को दिन में करीब सवा दस बजे वह काम में लगा हुआ था, उस समय बीएसएफ के चार-पांच जवान तारबंदी के आगे साफ सफाई कर रहे थे।
एक बीएसएफ का ट्रैक्टर भी था। किसान ने बताया कि 10:15 मिनट पर पाक की तरफ से पहले तीन गोलियों की आवाज आई, वह जमीन पर लेट गया। इसके बाद दस मिनट तक कोई गोलीबारी नहीं हुई।
वह किसी तरह नाले के पास पहुंचा और पंप सेट खोला तो फिर से फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान बीएसएफ के जवान जमीन पर लेटे हुए थे।
इसके बाद क्या हुआ कुछ पता नहीं। वह किसी तरह से वहां से भागा। क्योंकि अकसर जब गोलाबारी होती है तो वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।