जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जम्मू सभांग के विंटर जोन दसवीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बारहवीं की तरह ही दसवीं में भी बेटियों ने बाजी मारी है। परीक्षा में 69 फीसदी विद्यार्थी सफल रहे, जिसमें 72.70 लड़कियां और 67.76 फीसदी लड़के सफल रहे हैं। 830 विद्यार्थी ए1 ग्रेड के साथ उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 2292 छात्र ए2, 3878 बी1, 5048 बी2, 1252 सी2 और 10 विद्यार्थी डी ग्रेड के साथ पास हुए हैं।
कोविड की चुनौती के बीच दसवीं की परीक्षा ऑफलाइन मोड पर आयोजित की गई थी। कुल 26201 विद्यार्थियों ने 347 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दी, जिसमें 18279 ने सफलता हासिल की। 14159 में से 9525 लड़के और 12042 में से 8754 लड़कियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। 7912 विद्यार्थी असफल रहे है। निजी स्कूलों में पुंछ जिला 97.40 फीसदी रिजल्ट के साथ सबसे बेहतर रहा है, जबकि सरकारी स्कूलों में डोडा 76.42 फीसदी के साथ सर्वश्रेष्ठ रहा है। 30 सरकारी और 38 निजी स्कूलों का 100 फीसदी परिणाम रहा है। जेके बोर्ड की अध्यक्ष प्रो. वीणा पंडिता ने कहा कि कोविड महामारी के कठिन समय के बावजूद बोर्ड ने परिणाम घोषित करने में सफलता प्राप्त की है। परिणाम छात्रों के लिए अपने ईमानदार प्रयासों की निरंतरता साबित करने के लिए एक और मील का पत्थर है। 69.76 फीसदी का कुल पास प्रतिशत संतोषजनक रहा है, जिसमें लड़कियों ने फिर से बाजी मारी है।
सबसे ज्यादा हिंदी विषय में 92 फीसदी विद्यार्थी पास
जम्मू। दसवीं में कुल 26201 में 7912 विद्यार्थी असफल रहे हैं। हिंदी विषय में सबसे ज्यादा 92 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं। वहीं इंग्लिश में 77, गणित में 85, उर्दू में 83, सांइस में 83 और सोशल साइंस में 82 फीसदी विद्यार्थी सफल रहे हैं। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में असफल रहे बच्चों को एक परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें 15 दिनों में बोर्ड में आवेदन करना होगा।