आरएस पुरा सेक्टर के सुचेतगढ़ बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजरों के समक्ष आतंकी गतिविधियों, ड्रोन भेजने और सुरंगें खोदने की घटनाओं का कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। डीजीएमओ स्तर पर दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष विराम घोषित होने के बाद शनिवार को पाकिस्तान के अनुरोध पर सेक्टर कमांडर स्तर की पहली बैठक बुलाई गई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए डीआईजी बीएसएफ सुरजीत सिंह ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के सामने ड्रोन हमले समेत अन्य नापाक हरकतों से बाज आने को कहा। इस दौरान संघर्ष विराम समझौते पर अमल के लिए दोनों पक्षों ने सहमति जताते हुए जमीनी स्तर पर हालात बेहतर करने पर जोर दिया। पाकिस्तान रेंजर्स के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सियालकोट सेक्टर के कमांडर पाकिस्तान रेंजर्स ब्रिगेडियर मुराद हुसैन कर रहे थे।
डीजीएमओ की तरफ से संघर्ष विराम समझौते की घोषणा के बाद दो सीमा सुरक्षा बलों के बीच यह पहली सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक थी। बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। यह निर्णय लिया गया कि जब भी आवश्यक हो, संचालन मामलों को हल करने के लिए फील्ड कमांडरों के बीच तत्काल संचार को सक्रिय किया जाए।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: कारगिल युद्ध के शहीदों के सम्मान में निकाली चार बाइक रैलियां द्रास पहुंची
बैठक सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्ष पहले डीजी स्तर की वार्ता में लिए गए निर्णयों के शीघ्र अमल पर सहमत हुए। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए एक दूसरे के लिए प्रतिबद्धता भी जाहिर की गई।