जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद विधानसभा क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 90 हो जाएगी। ऐसे में सरकार गठन के लिए 46 सीटें जीतने की दरकार होगी। रिफ्यूजी व कश्मीरी विस्थापितों को अगर आठ से दस सीटें आरक्षित हो जाती हैं तो इससे भाजपा को बड़ा फायदा मिल सकता है। उल्लेखनीय है कि भाजपा के कश्मीरी पंडित विस्थापित नेता अश्विनी कुमार चुरंगू कश्मीरी विस्थापितों के लिए कश्मीर में पांच सीटें आरक्षित करने की मांग परिसीमन आयोग के समक्ष उठा चुके हैं।
प्रधानमंत्री की सर्वदलीय बैठक के बाद से प्रदेश में राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। दांव पेंच व सियासी एजेंडे तय करने लगे हैं। जहां तक भाजपा का सवाल है तो वह इस बार रिफ्यूजी व कश्मीरी विस्थापितों की जम्मू-कश्मीर में रह रही 12 लाख की आबादी पर सियासी दांव खेलने का मन बना चुकी है।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार अनुच्छेद 370 व 35ए के खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में काफी कुछ बदल चुका है। वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों के अलावा गोरखा, बाल्मीकि समाज को प्रदेश की नागरिकता मिल चुकी है। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के रिफ्यूजियों, वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों व कश्मीरी पंडित विस्थापितों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर में इनकी वर्तमान में आबादी दस लाख से ज्यादा है।
ऐसे में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में रिफ्यूजियों व कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए अगर सीटें आरक्षित होती हैं तो भाजपा को सत्ता हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। पश्चिम पाकिस्तान के रिफ्यूजियों के संगठन के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी का कहना है कि ढाई लाख से ज्यादा पश्चिम पाकिस्तान की रिफ्यूजी आबादी जम्मू-कश्मीर में रह रही है। इसके अलावा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के रिफ्यूजियों की बात करें तो साढ़े चार लाख के करीब आबादी होगी।
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दूसरी तरफ कश्मीर कश्मीरी पंडित विस्थापितों की ऐसे तो कुल आबादी करीब सात लाख है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में फिलहाल पांच लाख के करीब कश्मीरी पंडित विस्थापित रह रहे हैं। विधानसभा चुनाव में जिस ओर भी रिफ्यूजी व विस्थापितों के वोट बैंक का झुकाव रहेगा। उस पार्टी को अगली सरकार के गठन में बड़ी मदद मिलेगी।
रिफ्यूूजियों व कश्मीरी विस्थापितों के सियासी व नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए भाजपा हमेशा आवाज बुलंद करती रही है। पार्टी रिफ्यूजियों को विधानसभा में सीटें आरक्षित हो, इस मुद्दे पर परिसीमन आयोग से मिलेगी। कश्मीरी पंडित विस्थापितों की सम्मान जनक घाटी वापसी हो। इसके लिए भी पार्टी काम कर रही है। -रवींद्र रैना, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा, जम्मू कश्मीर