फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K Assembly Election: चुनाव आयोग की टीम से प्रदेश में जल्द चुनाव कराने का आग्रह, जानें क्या बोले राजनीतिक दल

Fri, 09 Aug 2024 11:22 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर

सार

ईसीआई की टीम ने सभी 20 जिलों के डीसी, 23 पुलिस प्रमुखों, सीईओ और पुलिस नोडल अफसर से मंत्रणा की। इसके अलावा टीम ने विभिन्न राजनीतिक दलों भाजपा, नेकां, कांग्रेस, पीडीपी, सीपीआई (एम) के प्रतिनिधियों के साथ भी मुलाकात की।
विज्ञापन
Election Commission delegation - फोटो : बासित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में पहले विधानसभा चुनाव की संभावनाएं तलाशने चुनाव आयोग का दल दो दिवसीय दौरे पर वीरवार को श्रीनगर पहुंचा। इस दौरान राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय दलों ने आयोग से जल्द चुनाव कराने की मांग रखी।

विज्ञापन

आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस प्रमुखों के अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा राज्य पुलिस नोडल अधिकारी के साथ अलग-अलग बैठकें कर चुनाव कराने के संबंध में फीडबैक लिया। टीम ने सभी 20 जिलों के डीसी, 23 पुलिस प्रमुखों, सीईओ और पुलिस नोडल अफसर से मंत्रणा की।

Trending Videos

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार तथा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व एसएस संधू के साथ पांच सदस्यीय आयोग का दल शुक्रवार को मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ श्रीनगर में बैठक कर चुनाव प्रबंधों पर बात करेगा। इसके बाद दल जम्मू आकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर चुनाव में सुरक्षा इंतजामों तथा सुरक्षा बलों की जरूरतों पर विचार करेगा।

श्रीनगर के एसकेआईसीसी में चुनाव आयोग के दल ने विभिन्न राजनीतिक दलों भाजपा, नेकां, कांग्रेस, पीडीपी, सीपीआई (एम) के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। सभी ने एक स्वर में कहा कि जल्द चुनाव कराए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक चुनाव कराने का निर्देश दिया है। वहीं, कांग्रेस ने दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा भाजपा ने चुनावी तैयारियों को गति देते हुए 132 सदस्यीय चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया।

अब चुनी हुई सरकार चाहती है प्रदेश की जनता: नेकां
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने पार्टी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि नेकां जम्मू-कश्मीर में तत्काल विधानसभा चुनाव की मांग करती है। जम्मू-कश्मीर के लोग अब अपनी सरकार चाहते हैं। हमने चुनाव आयोग से निश्चित निर्णय लेने के लिए कहा। 2018 से जम्मू-कश्मीर में कोई सरकार नहीं है और पिछले 10 वर्षों से विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं। एक एलजी, उनके एकमात्र सलाहकार और कुछ नौकरशाह जम्मू-कश्मीर को नहीं चला सकते। वानी ने कहा, हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, राजनीतिक, विकासात्मक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को तब ही संबोधित किया जा सकता है जब जनता के पास चुने हुए प्रतिनिधि हों। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया है कि चुनाव होंगे। वानी ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट की 30 सितंबर की समय सीमा पूरी हो जाएगी। कठिन समय में भी मतदान हुए हैं, यहां तक कि 1996 में भी जब हालात खराब थे।

भाजपा और कांग्रेस भी चुनाव कराने के लिए एकमत
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने भी तत्काल विधानसभा चुनाव की वकालत की। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आरएस पठानिया ने कहा, हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं। पार्टी चाहती है कि चुनाव सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा के भीतर हों। कांग्रेस नेता जीएन मोंगा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र फलना-फूलना चाहिए। लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग पिछले कई सालों से चुनाव के बिना हैं। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के साथ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य पर भी चर्चा की। इसलिए, हमने अपील की कि हर पार्टी को एक ही तराजू में तोला जाना चाहिए।
विज्ञापन

विस चुनाव समय की मांग: पीडीपी
पीडीपी नेता खुर्शीद आलम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होना चाहिए। आलम ने पूछा, जब सरकार कहती है कि स्थिति में सुधार हुआ है और बेहतर है, जब एक करोड़ पर्यटक यहां आए, जब संसदीय चुनाव और अमरनाथ यात्रा बिना किसी घटना के हुई, तो चुनाव न कराने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र बहाल किया जाए। देश लोकतंत्र में विश्वास करता है, इसलिए तुरंत चुनाव कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि ईसीआई से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें