चीन की राजधानी बीजिंग में आगामी विंटर ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई करने वाले जम्मू कश्मीर के अल्पाइन स्कीयर आरिफ खान अपने कौशल को और तराशने के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और भारत का ताज कहला जाने वाले गुलमर्ग में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्हें दिन में कई घंटे गुलमर्ग की बर्फबारी में अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान कई लोग उनस स्कीइंग के गुर लेने या फिर उनके साथ सेल्फी लेते दिखाई देते हैं।
हाजिबल टंगमर्ग के रहने वाले आरिफ खान भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र स्कीयर हैं। आरिफ ने कहा कि बीजिंग विंटर ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई करना उनके लिए एक सपना साकार होने के बराबर है। उन्होंने बताया कि वह चार साल की आयु से स्कीइंग का जूनून रखते थे और अपने खेल को सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करते आये हैं।
आरिफ ने बताया कि उनका सपना था कि वह वर्ष 2018 में स्विट्जरलैंड में हुए विंटर ओलंपिक्स में भी भाग लेना चाहते थे। उसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसमें शामिल नहीं हो पाए, लेकिन इस बार अभी तक सब सही से चल रहा है और बीजिंग विंटर ओलंपिक्स के लिए वह अगले कुछ दिनों में रवाना हो रहे हैं।
अल्पाइन स्कीयर होने के लिए पेशेवर एथलीट होना जरूरी
गुलमर्ग में स्कीइंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर आरिफ ने कहा कि यहां पर बर्फ की कृत्रिम ढलान की ज्यादा आवश्यकता है। बुनियादी ढांचा भले ही अच्छा है और काफी अच्छे स्कीयर्स यहां से निकलते हैं लेकिन एक अल्पाइन स्कीयर होने के लिए पेशेवर एथलीट होना जरूरी है और उसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।
आरिफ के अनुसार उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के लिए अन्य जगहों पर जाना पड़ा जिसके लिए काफी पैसे लगे। यह खेल काफी महंगा है और अगर सरकार एडवांस प्रोफेशनल स्कीइंग के लिए ढांचे को सुधारेगी तो यहां के स्कीयर्स को पेशेवर ट्रेनिंग लेने के लिए बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
गुलमर्ग में बर्फ की गुणवत्ता अच्छी, बस मूलभूत ढांचे की कमी
उन्होंने बताया कि गुलमर्ग में बर्फ की गुणवत्ता अच्छी है। बस कमी है तो मूलभूत ढांचे की। आरिफ ने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर गौर करेगी और हमारे यहां के बच्चों का भविष्य सुधरेगा। ओलंपिक्स की प्रतियोगिता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कोई भी प्रतियोगिता हो वो कठिन ही होती है।
ओलंपिक्स में जैसे स्थान पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान देना पड़ता है वैसे ही उसमें कोई पदक हासिल करने के लिए उससे भी सर्वश्रेष्ठ योगदान की जरूरत होती है। उम्मीद करता हूं कि मैं अपना पूरा दमखम लगाऊंगा। बता दें कि प्रतियोगिता में ढलानें कृत्रिम होती हैं और आरिफ भी कृत्रिम ढलानों पर इटली, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, मोंटेनेग्रो और दुबई के अलावा कई अन्य देशों में प्रशिक्षण ले चुके हैं।
विंटर ओलंपिक्स 4 से 20 फरवरी तक
विंटर ओलंपिक्स का आयोजन चीन के बीजिंग में 4 से 20 फरवरी तक हो रहा है। इसके लिए आरिफ ने दुबई में हुई क्वालिफाइंग स्पर्धा में इन खेलों के लिए पहला टिकट हासिल किया था। दुबई में ओलंपिक क्वालीफायर में अल्पाइन स्कीइंग स्लैलम श्रेणी में अपना पहला विंटर ओलंपिक टिकट बुक करने के एक महीने बाद खान ने दूसरी स्पर्धा विशाल स्लैलम के लिए क्वालीफाई किया था।
आरिफ चार बार विश्व चैंपियनशिप में भारत की नुमाइंदगी कर चुके हैं। उन्होंने दुनिया भर में आयोजित 100 से अधिक स्कीइंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और इस वर्ष अधिकतर समय यूरोप में प्रशिक्षण में बिताया है।