जम्मू-कश्मीर सरकार पीडीडी विभाग में काम कर रहे 870 अस्थायी कर्मचारियों को बंधवा मजदूर मानती है। विभाग ने इन कर्मचारियों को दो वर्ष से वेतन नहीं दिया है, जबकि इस अवधि के दौरान यह नियमित सेवाएं दे रहे है। पीडीडी विभाग के कारपोरेशन बनने के बाद कर्मचारियों को एनआईसी पोटर्ल पर पंजीकृण करने को कहा गया था, अधिकांश कर्मचारियों ने पंजीकरण किया, लेकिन 870 कर्मचारी पंजीकृत नहीं हो सके।
इसके कारण इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। वीरवार को जम्मू-कश्मीर कैजुअल लेबरर यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले इन कर्मचारियों ने पनामा चौक स्थिति जेपीडीसीएल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान फ्रंट के महासचिव मोहम्मद शबीर ने कहा कि कर्मचारियों के साथ बंधावा मजदूरों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारी सेवाएं तो दे रहे है, लेकिन वेतन नहीं मिल रहा है।
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महंगाई के इस दौरान बिना वेतन के काम करना बड़ा मुश्किल हो गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जेपीडीसीएल के एमडी गुरमीत सिंह से मुलाकात की। गुरमीत सिंह ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया की उनके मुददे को विभाग की बोर्ड बैठक में रखेंगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारा विरोध- प्रदर्शन अब नियमित जारी रहेगा। इस दौरान कामल सिंह, रमेश, खलील अहमद, अब्दुल गनी, मोहम्मद सलीम आदि मौजूद रहे।