अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू का पहला बैच शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। जम्मू एम्स के निदेशक पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई है। बुधवार को मेंटर संस्थान ऋषिकेश एम्स के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज कठुआ के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में चर्चा की गई। बताया गया कि फैकल्टी की नियुक्ति अगले एक माह में हो सकती है। 50 विद्यार्थियों के पहले बैच के लिए कठुआ शहर में स्थित महात्मा गांधी जच्चा बच्चा अस्पताल परिसर में जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। सांबा की विजयपुर तहसील में एम्स का स्थायी भवन बनने तक कठुआ में ही कक्षाएं लगाई जाएंगी।
एम्स ऋषिकेश निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत और उनकी टीम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ की प्रधानाचार्य अंजली नादिर भट्ट और उनकी टीम के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान एम्स की कक्षाएं शुरू करने को लेकर फिजिबिलिटी पर चर्चा की गई। लॉकडाउन की घोषणा से ठीक पहले एम्स ऋषिकेश से आई पांच सदस्यीय टीम ने एम्स जम्मू की कक्षाएं शुरू करने के लिए चार संस्थानों का निरीक्षण किया था।
अस्थायी भवन के लिहाज से कठुआ शहर में उपलब्ध सुविधा सबसे बेहतर विकल्प पाया गया। बैठक में बताया गया कि कठुआ के महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज कठुआ की कक्षाएं चल रही हैं। नीट के तहत एम्स का पहला बैच मिलने तक मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी अपनी इमारत में शिफ्ट हो जाएंगे।
बढ़ाई जा सकेंगी सुविधाएं
कठुआ के महात्मा गांधी अस्पताल के भवन में जरूरत पड़ने पर सुविधाओं को बढ़ाने का भी विकल्प मौजूद है। अक्तूबर या नवंबर तक मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं को स्थायी भवन में शिफ्ट किया जा सकेगा। ऐसे में एम्स की कक्षाएं शहर के बीचों बीच शुरू हो जाएंगी। एम्स के मानदंडों के अनुसार संसाधनों को बढ़ाने का विकल्प मिलने से अब कोई रुकावट नहीं है। बुधवार की वर्चुअल बैठक में वर्चुअल डाइसेक्शन की सुविधा पर भी चर्चा की गई।
एम्स जम्मू में निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे। एम्स जम्मू को अपना निदेशक मिल जाएगा। जम्मू में एम्स को शुरू किए जाने के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बढ़ेगा।- डॉ जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री