अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में 25 मेगावाट से कम क्षमता वाली छोटी जलविद्युत परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन एनओसी दी जाए। आवेदन करने के लिए पीएम गति शक्ति पर आधारित एक एप्लिकेशन विकसित की जाए।
यह निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने बुधवार को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान दिया। उन्होंने सीएम सचिवालय में राबिता-शिकायत निवारण विंग सहित जेके-समाधान जैसी परियोजनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। इसमें जेके समाधान 2.0 के तहत शिकायतों का एआई-आधारित वर्गीकरण, किसान खिदमत घर, दक्ष किसान, जेके युवा ऐप (मिशन युवा), सेहत मोबाइल एप्लीकेशन, प्रगति आउटपुट ट्रैकिंग एप्लिकेशन-एचएडीपी के लिए किसान साथी आउटपुट ट्रैकिंग मोबाइल एप्लिकेशन, हथकरघा वस्तुओं के लिए ई-कॉमर्स, जेके जलशक्ति मोबाइल ऐप, जेके पीडब्ल्यूडी मोबाइल ऐप, पीएम-गतिशक्ति-राज्य मास्टर प्लान, राजस्व-कैडस्ट्राल मैपिंग और जेकेसीआईपी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आईटी, एआई
और आईओटी जैसे अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने से बेहतर कोई तरीका नहीं है। परियोजना निदेशक बीआईएसएजी-एन ने बताया कि ज्यादातर परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी पूरी होने के चरण में हैं और जल्द ही पूरी हो जाएंगी।