तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में, गिरफ्तारी के बाद की जानकारी
एनआईए ने शेख उसामा यासीन, उमर फैयाज शेख और अफनान मंसूर नाइक को आरोपित बनाया है। तीनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 (यूएपीए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। उसामा और उमर को घटना के सिर्फ चार दिन बाद सात नवंबर को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि अफनान को आठ नवंबर को गिरफ्तार किया गया। एनआईए के मुताबिक हमला भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की बड़ी योजना का हिस्सा था, अफनान ने भी इस साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
सीमा पार से आतंकियों को मिल रही थी मदद, एनआईए की जांच में खुलासा
सीमा पार से मिल रही थी आतंकियों को मददएनआईए की जांच में पता चला है कि यह हमला केवल आम वारदात नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में दहशत फैलाना, आम जनजीवन को बाधित करना और आतंकियों के हिंसक एजेंडे को आगे बढ़ाना था। एजेंसी के मुताबिक, हमले की योजना सीमा पार से मदद पाने वाले आतंकियों के एक नेटवर्क ने बनाई थी। एनआईए ने इस केस की जांच 31 जनवरी, 2025 को शुरू की थी, जोकि अब भी जांच जारी है।