गोली लगने से मारे गए चौआला, आरएस पुरा निवासी जगजीत सिंह विदेश जाने के लिए वीजा अप्लाई किए हुए था। परिवार के हालात ज्यादा ठीक नहीं थे, इसलिए बमुश्किल से पैसे का प्रबंध करके कुछ माह के बाद विदेश जाना था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण उसकी मौत हो गई। जगजीत के माता-पिता पहले ही बड़े बेटे मंदीप सिंह के छह साल से संपर्क में नहीं होने से चिंतित चल रहे थे।
अब जगजीत सिंह के बिछड़ जाने से उनका आगे का जीवन चुनौतीपूर्ण हो गया है। पिता नरबीर सिंह टूट चुके हैं। मां राज कौर, बहन तरनजीत कौर, दादा इंद्र सिंह और दादी हरबंस कौर का जीएमसी में रो-रोकर कर बुरा हाल था।
बहन तरनजीत कौर के मुताबिक जगजीत ने वीजा अप्लाई किया हुआ था। वह विदेश जाने की तैयारी कर रहा था, ताकि विदेश जाकर पैसा कमाने के बाद परिवार की सारी की मुश्किलों को खत्म कर सकता, लेकिन जगजीत की मौत ने उनके सामने संघर्षपूर्ण जीवन खड़ा कर दिया है।
पिता नरबीर सिंह ने मेहनत-मजदूरी करके बच्चों को पढ़ाया-लिखाया था, ताकि उनके बड़े होने पर उन्हें अच्छा काम मिल सके और परिवार में खुशियां आ सकें। दादा इंद्र सिंह के मुताबिक विदेश जाने के लिए जगजीत सिंह ने कुंजवानी स्थित निजी मोबाइल कंपनी में काम किया था।
कुछ पैसे अपने भी जोड़े थे और कुछ पैसे घर से लेकर वीजा अप्लाई किया था। दादा इंद्र सिंह के मुताबिक वह आफिस गया था, गाडीगढ़ से वह मोटरसाइकिल पर गुजर रहा था कि तभी पुलिस ने उसे गोली मार दी।