फिदायीन हमलों तथा किसी प्रकार की आतंकी गतिविधियों से बचने के लिए राज्य पुलिस ने खुद को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करने का फैसला किया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बूम बैरियर तथा घुसपैठ निरोधक सिस्टम प्रमुख ठिकानों पर लगाए जाएंगे। इस पर आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह उपकरण अगले तीन-चार महीनों में खरीद लिए जाएंगे। हाल ही में पुलवामा जिला पुलिस लाइन पर हमले के बाद यह फैसला किया गया है।
सूत्रों के अनुसार घुसपैठ निरोधक सिस्टम में सेंसर लगे होंगे जो खतरा भांपते ही इसकी पूर्व सूचना दे देंगे। इसके तहत सुरक्षा बलों को आतंकियों की घुसपैठ से निपटने के लिए तैयार होने से लेकर उसे नाकाम बनाने तक का पर्याप्त समय मुहैया हो सकेगा।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तथा अधिकृत सुरक्षा कर्मियों के बिना किसी बाधा के आने-जाने की सुविधा के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) आधारित वाहन नियंत्रण सिस्टम भी लगाए जाएंगे। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों में आरएफआईडी लगाए जाएंगे जो बिना किसी रोकटोक के आ-जा सकेंगे। इससे महत्वपूर्ण ठिकानों पर चेकिंग में लगने वाले समय की बचत हो सकेगी।
बिना आरएफआईडी वाहनों को विधिवत जांच के बाद ही जाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही जीपीआर सिस्टम भी खरीदे जाएंगे। इससे आईईडी, बारूदी सुरंग तथा अन्य तरह के विस्फोटक का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि कानून व्यवस्था की स्थिति में लगे सुरक्षा बलों के जवानों को एंटी रायट गैस मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। चूंकि प्रदर्शनों के दौरान आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं जिसका धुआं स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है।