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जम्मू-कश्मीर: 4290 पंचायतों में वृक्षारोपण समितियां होंगी गठित, 1.53 पौधे लगाने का लक्ष्य

Wed, 23 Jun 2021 03:42 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

श्रीनगर में पीएजीडी की संवा घंटा चली बैठक में फैसला, तैयार की रणनीति।
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पौधे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी 4290 पंचायतों में ग्राम पंचायत वृक्षारोपण समितियों का गठन किया जाएगा। इसमें वन आधारित चारा, ईंधन लकड़ी और अन्य लघु वनोपज के वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए टिकाऊ माडल विकसित करने के लिए समितियों के साथ मासिक संवाद किया जाएगा। वर्ष 2021-22 में जनभागीदारी के साथ प्रदेश में 1.53 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

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मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने मंगलवार को वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग के विभिन्न विंग के कामकाज की समीक्षा की। मुख्यसचिव को बताया गया कि जम्मू कश्मीर में 20194 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है जो इसके भौगोलिक क्षेत्र का 47.80 फीसदी है, इसमें 55 फीसदी वन और वृक्ष हैं और 43 फीसदी खुले जंगल हैं।

वन प्रकारों की अधिकतम संख्या होने के साथ जम्मू कश्मीर में देश में जड़ी बूटियों की उच्चतम जैव विविधता भी है। आर्थिक रूप से जम्मू कश्मीर के जंगल 2 मिलियन मानव दिवस रोजगार पैदा करते हैं। मुख्य सचिव ने आर्थिक गतिविधियों में विभाग के योगदान को बढ़ाने के साथ जैव विविधता प्रबंधन समितियों के माध्यम से लघु वनोपज (एमएफपी) की व्यावसायिक बढ़ाने के लिए एक रणनीति तैयार करने को कहा।
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विभाग को ग्रीन इंडिया मिशन और जिला कैपेक्स बजट के तहत सरकारी नर्सरियों में 96.46 लाख पौधों के उत्पादन के साथ 23.61 लाख पौधे लगाने के लिए कहा गया। वृक्षारोपण अभियान में व्यापक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग को स्कूल स्तर के इको क्लबों, ग्राम पंचायत वृक्षारोपण समितियों और मनरेगा कार्यों को विभिन्न वृक्षारोपण और संरक्षण अभियानों से जोड़ने के लिए एक बहुउद्देशीय माडल अपनाने पर जोर दिया।
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वन विभाग सामुदायिक भागीदारी के लिए अगले पांच वर्ष में वनभूमि के चरणबद पुनर्वास के लिए एक रणनीति विकसित करने के लिए कहा गया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जम्मू कश्मीर के सभी जिलों में वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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