बात के बजाय बैन की हो रही बात
बैन को लेकर सवाल पर मीरवाइज कहते हैं, हमारे आईन में लिखा है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बात करने में यकीन रखते हैं। मुझे 2019 से नजरबंद रखा गया। सितंबर 2024 में बाहर आया। इसके बाद से फिर लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। हम बात करने के लिए जितना जोर दे रहे हैं, उतने प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। अवामी लीग पर भी बैन लगाया, खैर वो मामला ट्रिब्यूनल में है।
राजनीतिक प्रक्रिया में उठ जाएगा लोगों का भरोसामीरवाइज ने कहा कि जिस तरह से दबाव बनाकर हुर्रियत को खत्म करने की कोशिश हो रही है, हमें हमारे नमाज पढ़ने तक के अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, यह सब गलत है। लंबे समय के बाद लोगों की सोच बदली।
लोग चुनाव में शामिल हुए और राजनीतिक प्रक्रिया में यकीन करने लगे। हुुर्रियत खत्म होगी तो हमारा भरोसा भी उठेगा। हमें लगेगा कि राजनीतिक समाधान हो ही नहीं सकता। फिर से हम उसी दौर में लौटने लगेंगे। हम राष्ट्रद्रोही नहीं हैं। हम भी चाहते हैं कि हमारा जो हिस्सा पाकिस्तान और चीन के पास है, उसे वापस लाएं और यह मसला बात से हल होगा।