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J&K: शादी की नहीं, अब है भविष्य की फिक्र... कश्मीर की बेटियों की सोच ने बदली तस्वीर, औसत उम्र 26 साल तक पहुंची

Sat, 12 Apr 2025 05:47 PM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में लड़कियों की शादी की औसत उम्र 26 वर्ष पहुंच गई है, जो देश में सबसे अधिक है, और यह शिक्षा, करियर व आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने का संकेत है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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प्रदेश में लड़कियों की शादी की औसत आयु 26 साल है। यह देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। सांख्यिकी मंत्रालय की भारत में महिला व पुरुष रिपोर्ट 2024 के आंकड़े इशारा करते करते हैं कि जम्मू-कश्मीर की लड़कियां बाकी राज्यों की युवतियों के मुकाबले शिक्षा, कॅरिअर और आर्थिक स्वतंत्रता को शादी से ज्यादा महत्व देती हैं।

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वहीं, हिमाचल, पंजाब में लड़कियों की शादी की औसत उम्र 24, तो पूरे देश में 22.7 साल है। भारत सरकार  की ओर से हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में ये आकंड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के शहरी इलाकों में लड़कियों की शादी की औसत उम्र 26.3 साल, तो ग्रामीण इलाकों में 26 साल है।

बीते वर्षों से तुलना करने पर पता चलता है कि ग्रामीण इलाकों में यह लगातार बढ़ रही है। शहरी इलाकों में लगभग स्थिर है। ये आंकड़े जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक सामाजिक बदलाव के संकेत हैं।
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यह लकड़ियों की शादी को लेकर समाज की सोच में हो रहे बदलाव को दर्शाते हैं। साथ ही जनसंख्या नियंत्रण में भी सहायक हैं। अन्य राज्यों की बात करें तो पश्चिम बंगाल और झारखंड में लड़कियों की शादी सबसे कम उम्र में हो जाती है। दोनों राज्यों में शादी की औसत उम्र 21 साल है। 

यह आकंड़े दिखाते हैं कि लड़कियां अब अपनी पढाई-लिखाई और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने को ज्यादा महत्व दे रही हैं। किसी भी समाज में महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए अच्छा माना जाता है। बीते कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में लड़कियों की शादी और कॅरिअर के प्रति समाज की सोच में बदलाव भी देखा गया है। हालांकि, इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। डॉ. हेमा गंडोत्रा, एसोसिएट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, जम्मू विवि

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लड़कियों की शादी की उम्र ज्यादा होगी, तो उन्हें अपने अधिकारों की ज्यादा जानकारी होगी और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी। इससे उनका शोषण कम होगा और घरेलू हिंसा के मामलों में भी गिरावट आएगी। केंद्र सरकार भी लड़कियों की शादी की औसत उम्र 21 साल करने पर विचार कर रही है, जिसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। इससे लड़कियों को और ज्यादा पढ़ने का मौका मिलेगा। डॉ सविता नय्यर, निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र, जम्मू विवि

लड़कियों की शादी की औसत उम्र 26 साल है। यह आयु बेबी प्लानिंग के लिए भी आदर्श है। इस उम्र की लड़कियां शारीरिक और मानसिक रूप से बच्चे को जन्म देने के लिए स्वस्थ मानी जाती हैं। नवजात शिशु और मां को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होती हैं। हालांकि, आजकल की 30 साल की उम्र के बाद बेबी की प्लानिंग शुरू होती है। इससे समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. रेनू शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, स्त्री रोग विभाग, एम्स जम्मू
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