अतिरिक्त मुंसिफ जम्मू शबनम शेख ने 7 जुलाई 2017 की वसीयत को चुनौती देते हुए एक दीवानी मुकदमे में पूर्व एमपी के बेटों को आपत्तियां दर्ज करने के लिए आदेश जारी किए हैं। इस मामले में कथित रूप से पूर्व महाधिवक्ता जम्मू-कश्मीर, पूर्व सदस्य संसद और एक वरिष्ठ नेकां नेता चौधरी शब्बीर अहमद सलारिया ने वसीयत के संचालन को तब तक के लिए स्थगित रखा है, जब तक कि आपत्तियां दायर नहीं की जातीं।
वसीयत के संचालन पर रोक लगाते हुए अदालत ने कहा कि यह आदेश हालांकि, दूसरे पक्ष की आपत्तियों पर निर्भर करेगा। कोर्ट ने दूसरे पक्ष यानी पूर्व एमपी के दो बेटों को भी नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि मोहम्मद उस्मान सलारिया और एक अन्य को अपनी आपत्तियां दर्ज करने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़ें- जम्मू नगर निगम: मेयर फिर सुर्खियों में, कहा-शादी के समय दुल्हन से हुईं शर्तें पूरी नहीं होतीं
शब्बीर अहमद सलारिया ने 7 जुलाई 2017 की वसीयत की वैधता को चुनौती दी थी, जिसे कथित तौर पर पूर्व महाधिवक्ता जम्मू-कश्मीर द्वारा निष्पादित किया गया था। वादी डॉ. अख्तर उन निसा सलारिया की ओर से पेश अधिवक्ता अतुल रैना ने प्रस्तुत किया कि स्वर्गीय चौधरी एसए सलारिया एक प्रसिद्ध वकील थे और उन्होंने पहली जुलाई 2017 को शुरू में एक वसीयत निष्पादित की थी।