लोकसभा सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग को लेकर आवेदन दायर किया है। अदालत ने इस मुददे पर एनआईए से जवाब मांगा है। वह कश्मीर के बारामुल्ला से सांसद हैं और अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष हैं। वह एनआईए के एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर तय की है।
इंजीनियर रशीद ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट को बताया कि संसद सत्र में भाग लेने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके लोगों ने चुना है। उन्हें पिछले संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि मुझे अंतरिम जमानत दी जाए। एक अन्य आरोपी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि उन्हें नहीं पता कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने पर सुनवाई में क्या होता है।
उन्होंने कोर्ट के सामने शारीरिक रूप से पेश होने का अनुरोध किया। इस बीच, पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने जन प्रतिनिधियों (एमपी/एमएलए) को आरोपी बनाने वाले एनआईए मामले की सुनवाई के लिए क्षेत्राधिकार को लंबित रखा है। एनआईए और आरोपियों के वकील ने दलील दी कि मामले को एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि एनआईए अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।