उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पिछले 24 दिन से आंदोलन कर रहे बेरोजगार प्रशिक्षित डेंटल सर्जनों के लिए राहत की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में 400 डेंटल सर्जनों और 800 पैरा मेडिक्स को मिशन यूथ कार्यक्रम के तहत विशेष स्वरोजगार योजना के माध्यम से खुद की क्लीनिक शुरू करने के लिए वित्तीय मदद देगी। उपराज्यपाल बुधवार को अखनूर स्थित सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2023-24 तक चरणबद्ध तरीके से 571 इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (आईएसएम) डिस्पेंसरियों का विस्तार करने की मंजूरी दी है। इसमें पहले चरण में मार्च 2021 तक 73 और पिछले साल सितंबर में 21 आयुष स्वास्थ्य व कल्याण (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) केंद्रों को शुरू किया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि 63 सीटों वाला यह पहला आयुर्वेदिक कालेज छात्रों को आयुर्वेद प्रणाली सीखने में मदद करेगा। नीट परीक्षा के माध्यम से बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए 63 छात्रों की प्रवेश क्षमता है।
कॉलेज में 14 आयुर्वेदिक स्पेशियलिटी में अनुभवी संकाय हैं। इसके अलावा 60 बिस्तर वाले अस्पताल में लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार मिलेगा। इसमें प्रयोगशालाएं, विभागीय संग्रहालय, पंचकर्म, चार-सूत्र सुविधाएं, बेहतर शिक्षण, मल्टी मीडिया प्रोजेक्टर और स्क्रीन के साथ कंप्यूटर युक्त इंटरएक्टिव क्लासरूम की स्थापना की गई है।
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अस्पताल में मरीजों को ओपीडी, आईपीडी, क्लीनिकल स्पेशियलिटी, प्राथमिक चिकित्सा, आपात चिकित्सा देखभाल सुविधाएं दवाओं के साथ मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। दूसरे चरण में जम्मू कश्मीर में 100 और आयुष स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों पर आईएसएम निदेशालय काम कर रहा है।
देश में विकसित किए जा रहे 12500 केंद्र
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत देशभर में 12500 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इस दौरान सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर, आईएसएम निदेशक डॉ. मोहन सिंह, जीएमसी प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन, डीडीसी जम्मू चेयरमैन भारत भूषण, सांसद जुगल किशोर आदि मौजूद रहे।