हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के निदेशक और जिलाधीश के बीच अधिकारों के आपसी विवाद से दो टीचरों के सस्पेंड करने के आदेश पर रोक लगा दी है। दो टीचरों ने हाईकोर्ट में याचिका पेश की कि शिक्षा विभाग के निदेशक ने उन्हें जोनल शिक्षा आफिस में अटैच करने के आदेश दिए। जिलाधीश ने भी आदेश जारी करके दोनों टीचरों को मौजूदा स्थान पर कार्य करने के आदेश दिए। आदेश का पालन नहीं करने पर शिक्षा विभाग के निदेशक ने दोनों टीचरों को सस्पेंड कर दिया।
न्यायाधीश जनक राज कोतवाल ने एडवोकेट सुदर्शन शर्मा की दलीलों पर पाया कि इस मामले मेें दो आला अधिकारियों के बीच पावर के उपयोग का मामला है। एक निदेशक है और दूसरा जिला विकास उपायुक्त है। उपायुक्त ने आदेश जारी करके दोनों टीचरों को पुराने स्थान पर ही बहाल रखा। शिक्षा निदेशक ने दोनों को सस्पेंड कर दिया।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और भविष्य में ऐसे हालात पैदा नहीं हो, इसका ध्यान रखें। कोर्ट में तालिब हुसैन, रियाज अहमद ने शिक्षा निदेशक के आदेश क्रमांक 857 दिनांक 17 फरवरी 2016 के आदेशों पर रोक लगाने की अपील की।
तालिब हुसैन को हायर सेकेंडरी स्कूल डोडा से जोनल शिक्षा अधिकारी भटयास और रियाज अहमद को हायर सेकेंडरी स्कूल देसा से जोनल शिक्षा अधिकारी घट में अटैच करने के आदेश दिए थे। जिला विकास उपायुक्त डोडा ने दोनों याचिकाकर्ताओं को उनके पुराने स्थान पर बहाल रखा और कहा जब तक नए टीचर नहीं आते हैं, याचिकाकर्ताओं को पहले वाले स्कूल में ही तैनात रखा। याचिकाकर्ताओं ने जिलाधीश के आदेशों का पालन किया और शिक्षा विभाग के निदेशक ने दोनों को सस्पेंड कर दिया।