पंद्रह अप्रैल से रियासती सरकार बाढ़ पीड़ितों खासतौर से बीमा कवर में न रहने वाले बाढ़ प्रभावित व्यापारियों और बेसहारा लोगों को राहत वितरित करने का काम शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बुधवार को विधान परिषद में सदन को जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी उन्होंने इस संदर्भ में चर्चा की है और बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल मदद पहुंचाए जाने का मामला भी उठाया। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के समर्थन का आश्वासन भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर 2014 में आई बाढ़ से प्रभावित व्यापारियों, जिनका बीमा कवर था, उन्हें तो कंपनियों से राहत मिल चुकी है। जिन छोटे व्यापारियों का बीमा कवर नहीं था, उन्हें अब तक कोई राहत प्रदान नहीं हुई है।
बेसहारा लोगों को भी मदद की दरकार है। रियासती सरकार पंद्रह अप्रैल से श्रीनगर में राहत वितरित करने का काम शुरू करेगी और प्राथमिकता के आधार पर इस काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेसहारा छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाए जाने से सरकार राहत वितरण की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि रियासती सरकार राज्य में ऐसी नीति बनाएगी कि बाढ़ जैसी आपदाओं को सहने लायक मकानों का निर्माण हो।