रियासत को बिजली क्षेत्र में संकट से उबारकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगामी पांच साल में 9124.50 मेगावाट बिजली उत्पादन का रोड मैप तैयार किया गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन की ओर से जारी रोड मैप के अनुसार कुल 57 परियोजनाओं से 9124 मेगावाट पनबिजली उत्पादन किया जाएगा। इनमें स्टेट सेक्टर के तहत 15 परियोजनाएं हैं, जिनसे 6263 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। इनमें से कई परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।
सेंट्रल सेक्टर के तहत परियोजनाओं में 1200 मेगावाट क्षमता की बरसर परियोजना, 330 मेगावाट क्षमता की किशनगंगा पनबिजली परियोजना और 240 मेगावाट की उड़ी दो परियोजना शामिल है। वहीं जम्मू कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन, एनएचपीसी और पीटीसी संयुक्त रूप से तीन परियोजनाओं पर काम करेंगे। इनमें 660 मेगावाट क्षमता की कीरू परियोजना, 560 मेगावाट की कावर और 1000 मेगावाट पन बिजली उत्पादन क्षमता की पाकलडुल परियोजना शामिल है।
स्टेट सेक्टर की परियोजनाओं में 93 मेगावाट क्षमता की न्यू गांदरबल, 390 मेगावाट क्षमता की किरथाई, 930 मेगावाट क्षमता की किरथाई दो, 1856 मेगावाट क्षमता की सावलकोट, 212 मेगावाट क्षमता की उज्ज परियोजना आदि शामिल हैं। रोड मैप के तहत सबसे ज्यादा परियोजनाएं आईपीपी मोड के तहत तैयार होंगी। हालांकि आईपीपी मोड की 36 परियोजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता 372 मेगावाट ही होगी।