शेख मुस्तफा कमाल (सफेद कपड़ों में बांए से दूसरे)
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नेशनल कांफ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव डा. शेख मुस्तफा कमाल ने कश्मीर के हालात के लिए पाकिस्तान से ज्यादा नई दिल्ली को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा संसद में पाकिस्तान को नापाक बताया गया, जबकि सच्चाई यह है कि कश्मीर में हिंसा भड़काने के पीछे नई दिल्ली का ही हाथ है।
उन्हाेंने कहा नई दिल्ली 1953 के पूर्व से ही इस खेल में संलिप्त रही है। 1953 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला को अपदस्थ कर दिया गया। 1977 में अब्दुल्ला बतौर मुख्यमंत्री अपदस्थ कर दिए गए। 1984 में डा. फारूक अब्दुल्ला सरकार को गिरा दिया गया।
तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और राज्यपाल जगमोहन ने मिलकर जनवरी 1990 में मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला को इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया। वर्ष 1989-90 से शुरू हुआ आतंकवाद आज तक जारी है।
भारत सरकार को नेशनल कांफ्रेंस के सांसद रहे उमर अब्दुल्ला ने ट्रुुथ एंड रिकॉंसिलिएशन कमीशन गठित करने का सुझाव दिया था जो आज तक गंभीरता से नहीं लिया गया। हालात खराब करने में पाकिस्तान की भूमि सिर्फ इतनी है कि वह नई दिल्ली के इस खेल को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।