पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाए जाने के मामले में क्राइम ब्रांच कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा ने सात आरोपियों के खिलाफ चालान जेएमआईसी गांदरबल के न्यायालय में पेश किया है। अभियुक्तों में एक आरोपी जम्मू के अखनूर और अन्य कश्मीर घाटी के रहने वाले हैं। आरोप है कि साजिश के तहत पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं से पैसे ऐंठे।
पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर राकेश कुमार और अन्य आरोपियों ने धोखाधड़ी से बड़ी रकम हड़प ली। मामले में प्रारंभिक सत्यापन के बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया।
अपराध शाखा की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत प्रदेश पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के बहाने पीड़ितों को बहला-फुसलाकर रुपये ठगे। आरोपियों ने प्रथम दृष्टया धारा 419, 420, 120-बी आरपीसी के तहत दंडनीय अपराध का खुलासा किया है। इसी को लेकर न्यायिक निर्धारण के लिए अदालत में चालान पेश किया गया है।
मामले में जम्मू के अखनूर निवासी राकेश कुमार पुत्र ओमप्रकाश, बारामुला निवासी मंजूर अहमद गनई पुत्र मोहम्मद सुभान, बारामुला निवासी मोहम्मद युसूफ वानी पुत्र अब्दुल अहद, श्रीनगर निवासी कयूम शेख पुत्र अब्दुल रहमान, सफोपोरा निवासी शकील अहमद मीर पुत्र गुलाम मोहम्मद और बडगाम निवासी हामिद भट पुत्र अब्दुल समद अभियुक्त हैं। इनमें आरोपी मोहम्मद युसूफ शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारी है। मोहम्मद शेख भारतीय रेलवे पुलिस कांस्टेबल था, जिसे बर्खास्त कर दिया गया है। कयूम शेख सफाईकर्मी है। शकील अहमद भारतीय रेलवे कर्मी और हामिद भट पुलिस ट्रेनिंग स्कूल मनिगाम में हेड कांस्टेबल है।